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सोमवार, 12 जून, 2006 को 10:58 GMT तक के समाचार

बयान बदलने के लिए एक और सज़ा

बेस्ट बेकरी कांड की प्रमुख गवाह रही ज़ाहिरा शेख़ को बार-बार अपना बयान बदलने के जुर्म में मुंबई की एक अदालत ने तीन महीने की सज़ा सुनाई है.

इसी वर्ष मार्च महीने में सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार बयान बदलने के ही आरोप में ज़ाहिरा को एक वर्ष क़ैद और 50 हज़ार रूपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई थी.

मुंबई की अदालत ने सोमवार को फ़ैसला सुनाते हुए ज़ाहिरा को 500 रूपए का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है. जुर्माना न भरने पर उनकी सज़ा 10 दिन बढ़ा दी जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा सुनाई

फ़ैसले में कहा गया है कि तीन महीने की ये सज़ा सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई सज़ा की अवधि ख़त्म होने बाद लागू होगी.

फ़िलहाल ज़ाहिरा मुंबई जेल में सज़ा काट रही हैं.

इससे पहले अदालत ज़ाहिरा की माँ और उनकी बहन को भी ऐसी ही सज़ा सुना चुकी है.

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2002 में गोधरा में एक ट्रेन में कथित रूप से आग लगाने की घटना के बाद गुजरात में भड़के दंगों में एक हज़ार से भी ज़्यादा मुसलमानों की जानें गई थीं.

इन्हीं दंगों के दौरान हुए वड़ोदरा के बेस्ट बेकरी में दंगाइयों ने 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया था जिनमें 12 मुसलमान थे.