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अमरीका में 'चरमपंथी' दोषी क़रार

अमरीका के वर्जीनिया राज्य में एक जूरी ने एक व्यक्ति को कश्मीरी चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा की सहायता करने का दोषी पाया है.

अली असद चांडिया नामक यह व्यक्ति एक मुस्लिम स्कूल में शिक्षक हैं. उन्हें चरमपंथी गतिविधियों के सिलसिले में मंगलवार को दोषी क़रार दिया गया और उन पर तीन आरोप लगाए गए हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि अली असद चांडिया को 45 दिन तक की जेल हो सकती है.

चांडिया पर आरोप है कि उन्होंने लश्करे तैबा से प्रशिक्षण हासिल करने के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था. ग़ौरतलब है कि लश्करे तैबा कश्मीर में भारतीय शासन के ख़िलाफ़ लड़ाई कर रहा है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि चांडिया "वर्जीनिया जेहाद नेटवर्क" का सदस्य रहे हैं. संवाददाताओं के अनुसार इस संगठन के अभी तक 11 सदस्यों को दोषी क़रार दिया जा चुका है.

वर्जीनिया की एक अदालत को बताया गया कि चांडिया ने लश्करे तैबा से प्रशिक्षण हासिल करने के लिए नवंबर 2001 में पाकिस्तान का दौरा किया था.

अमरीका ने लश्करे तैबा को दिसंबर 2001 में विदेशी चरमपंथी संगठनों की श्रेणी में रख दिया था.

अभियोजन पक्ष ने कहा कि जब चांडिया पाकिस्तान से वापिस लौटे तो उन्होंने लश्करे तैबा के एक पदाधिकारी मोहम्मद अजमल ख़ान की कार के चालक के तौर पर काम किया.

मार्च 2006 में मोहम्मद अजमल ख़ान को ब्रिटेन में तब नौ साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी जब उन्होंने एक चरमपंथी संगठन से नाता होने की बात स्वीकार की थी और इनमें संगठन को हथियार और धन मुहैया कराना भी शामिल था.

अमरीका के न्याय मंत्रालय का कहना है कि चांडिया के ख़िलाफ़ भी ज़्यादातर ख़ुफ़िया जानकारी और सबूत ब्रितानी जाँचकर्ताओं से ही मिली.

चांडिया पर आरोप है कि उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण उपकरण अमरीका से पाकिस्तान पहुँचाने में मोहम्मद अजमल ख़ान की मदद की थी. इनमें रिमोट कंट्रोल से संचालित होने वाला एक विमान भी शामिल था.

लेकिन चांडिया के वकील की दलील है उनके मुवक्किल अपने भाई की शादी की तैयारी करने के लिए पाकिस्तान गए थे और चाँडिया मोहम्मद अजमल ख़ान के चरमपंथियों से संपर्क से अनजान रहे हैं.