रविवार, 04 जून, 2006 को 15:28 GMT तक के समाचार
नेपाल में सुप्रीम कोर्ट ने वहाँ की सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो पूर्व शाही सरकार के उन तीन मंत्रियों को रिहा करे जिन्हें हिरासत में ले लिया गया था.
मुख्य न्यायाधिश दिलीप कुमार की अध्यक्षता में पाँच जजों की एक पीठ ने तीन पूर्व मंत्रियों- रमेश नाथ पांडे, श्रीस शमशेर राना और निक्षय शमशेर राना की याचिका पर सुनवाई की.
अदालत ने रविवार को कहा है कि इन पूर्व मंत्रियों को बिना किसी ठोस वजह के हिरासत में रखा गया है.
हिरासत में लिए गए पाँच में से तीन पूर्व मंत्रियों ने नेपाल सरकार के फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी थी.
जिन दो पूर्व मंत्रियों ने नेपाल सरकार के आदेश को चुनौती नहीं दी है, वे हिरासत में ही हैं.
आलोचना
नेपाल में सरकार ने पिछले महीने पूर्व शाही सरकार के पाँच मंत्रियों को सार्वजनिक सुरक्षा एक्ट के तहत हिरासत में ले लिया था.
इन पाँच पू्र्व मंत्रियों पर अप्रैल में नेपाल में जनआंदोलन को दबाने का आरोप लगाया गया था.
नेपाल में अप्रैल में राजशाही के ख़िलाफ़ बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ था.
पूर्व पाँच मंत्रियों को जिस एक्ट के तहत गिरफ़्तार लिया गया है, उसमें बिना मुकदमे के 90 दिन तक हिरासत में रखा जा सकता है.
नेपाल नरेश के शासन के दौरान विरोधियों के ख़िलाफ़ इस एक्ट का अकसर इस्तेमाल किया जाता था. और छोड़े जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विरोधियों को फिर गिरफ़्तार कर लिया जाता था.
नेपाल में कई मानवाधिकार संगठनों ने सार्वजनिक सुरक्षा एक्ट के इस्तेमाल के लिए नेपाल सरकार की निंदा की है.