रविवार, 04 जून, 2006 को 13:51 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में नैटो अभियान के नए कमांडर जनरल डेविड रिचर्ड्स ने कहा है कि देश के दक्षिणी हिस्से में तालेबान चरमपंथियों से निपटने के लिए उनके सैनिक नई रणनीति अपनाएँगे.
राजधानी काबुल में पत्रकारों से बात करते हुए जनरल रिचर्ड्स ने कहा कि दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में गठबंधन सैनिकों की संख्या कम है और नैटो सैनिकों की संख्या दोगुनी करेगा. इस समय वहाँ तीन हज़ार नैटो सैनिक तैनात हैं.
नैटो सैनिक उत्तरी और पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में पहले से ही तैनात हैं. जबकि अगले महीने नैटो की अगुआई वाली सेना को दक्षिण में भी अमरीका से कमान मिलनी है.
जनरल रिचर्ड्स ने कहा कि नैटो ने अपने अभियान में सफलता के लिए जो रास्ता अपनाया था, वो था- स्थानीय लोगों का समर्थन हासिल करना.
अलग रणनीति
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, कनाडा और हॉलैंड के सैनिक ज़रूरत पड़ी तो कड़ाई से तो निपटेंगे ही लेकिन उनकी रणनीति अमरीकी सैनिकों से अलग होगी.
जनरल ने कहा कि ग्रामीणों के बीच सैनिकों की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी और उनकी ज़रूरतों का भी ख़्याल रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि नैटो सैनिक पुनर्निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा में भी मदद करेंगे.
नैटो सेना के कमांडर जनरल रिचर्ड्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय सैनिकों के व्यवहार में सुधार पर भी ध्यान देंगे.
उन्होंने कहा कि काबुल में पिछले सप्ताह हुई घटनाओं से अफ़ग़ानिस्तान के लोग ये सोचने लगे हैं कि विदेशी सैनिक उनका ध्यान नहीं रखते. इस साल के अंत तक पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना नैटो के अधीन आ जाएगी.
इसके बावजूद हज़ारों अमरीकी सैनिक एक अलग अमरीकी कमान के अधीन होंगे. उनका काम होगा अल क़ायदा और तालेबान के सदस्यों की तलाश.