शुक्रवार, 02 जून, 2006 को 10:22 GMT तक के समाचार
नेपाल में संविधान सभा के गठन के लिए दबाव बनाने के लिए माओवादियों ने शुक्रवार को काठमांडू में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जिसमें लगभग दो लाख लोगों ने हिस्सा लिया.
माओवादी विद्रोही नई गठबंधन सरकार पर जल्दी संविधान सभा का गठन करने का दबाव डाल रहे है जिससे कि नए संविधान की रचना जल्दी हो सके.
पिछले तीन सालों में माओवादियों की ये पहली रैली है.
इन तीन सालों में माओवादियों ने दूसरी बार संघर्ष विराम किया है और शांति स्थापना के लिए सरकार से साथ बात कर रहे हैं.
माओवादियों का कहना है कि संविधान सभा का गठन होने से पहले सरकार को एक अंतरिम संविधान और एक अंतरिम सरकार की घोषणा करनी चाहिए.
हिंसा की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. हालांकि माओवादियों ने हिंसा की संभावना से इनकार किया है.
पिछले दस सालों के माओवादी विद्रोह में कोई तेरह हज़ार लोगों की मौत हुई है.
सात राजनीतिक दलों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद राजा ज्ञानेंद्र ने संसद को बहाल करने और एक साझा सरकार के गठन को मंज़ूरी दी थी.
माओवादियों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया था.
राजा की उपस्थिति
उधर संसद की बहाली के बाद राजा ज्ञानेंद्र भी पहली बार सार्वजिक रुप से उपस्थित होने वाले हैं.
वे काठमांडू के पास ललितपुर में एक धार्मिक आयोजन में भाग लेंगे.
जहाँ राजा ज्ञानेंद्र को जाना है वो जगह माओवादियों के रैली स्थल से दस किलोमीटर से भी कम दूरी पर है.
माओवादी विद्रोही देश से राजशाही को ख़त्म करने की माँग कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि संविधान सभा के गठन से राजशाही को हटाया जा सकेगा.