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गुरुवार, 01 जून, 2006 को 06:36 GMT तक के समाचार

हड़ताली डॉक्टर काम पर लौटे

भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर गुरुवार से काम पर लौट आए हैं.

राजधानी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों ने मरीज़ों का इलाज़ शुरु कर दिया है.

आरक्षण के विरोध में दायर की गई याचिका के विचाराधीन होने और आम जनता की तक़लीफ़ को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों को काम पर वापस लौटने का निर्देश दिया था.

आरक्षण विरोधी आंदोलन के केन्द्र में रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के ओपीडी में भी सुबह से मरीज़ों का इलाज़ शुरु हो गया.

इसके अलावा जीबी पंत, दीन दयाल उपाध्याय और राम मनोहर लोहिया अस्पतालों में भी बुनियादी सेवाएँ बहाल हो गई हैं.

मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के हड़ताली डॉक्टर बुधवार रात से ही काम पर लौट आए.

एम्स में जूनियर डॉक्टरों के एसेसिएशन के अध्यक्ष विनोद पात्रो ने कहा " अगले चौबीस घंटों के भीतर हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएँगे."

बुधवार को न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत और न्यायमूर्ति एसएस पंटा के अवकाश पीठ ने आरक्षण मामले पर मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के रेसीडेंट डॉक्टरों की याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था.

इससे पूर्व मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए न इस पर टिप्पणी की जा सकती है, न प्रदर्शन और हड़ताल किया जा सकता है लेकिन फिर भी हड़ताल बुधवार की सुबह तक जारी रही.