प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाक़ात की और उन्हें आश्वासन दिया कि लाभ का पद संबंधी विधेयक पर उनके द्वारा सुझाए गए बिंदुओं पर पुनर्विचार किया जाएगा.
मंगलवार को राष्ट्रपति ने लाभ के पद संबंधी विधेयक को संसद में पुनर्विचार के लिए वापस कर दिया था.
प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से बताया गया है कि विधेयक के वापस किए जाने के बाद से जो स्थिति पैदा हुई है उसपर सरकार में कई स्तरों पर चर्चा हो रही है.
गुरुवार को होनेवाली कैबिनेट की बैठक में भी इस विधेयक पर चर्चा की जाएगी.
राष्ट्रपति ने यह विधेयक संसद के दोनों सदनों को पुनर्विचार करने के लिए लौटा दिया है पर फिलहाल लोकसभा अध्यक्ष एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ यात्रा पर हैं.
संभव है कि इस विधेयक पर आगामी मानसून सत्र में चर्चा की जाएगी.
इससे पहले प्रधानमंत्री ने क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज और दूसरे क़ानूनविदों से इस संबंध में चर्चा की है.
उधर चुनाव आयोग को सौंपे गए एक ज्ञापन में भाजपा ने कहा है कि चुनाव आयोग 46 सांसदों के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं पर तुरंत निर्णय ले जो लाभ के पदों पर बैठे हैं.
आपत्ति
राष्ट्रपति ने कहा है कि कौन से पद लाभ के पद की परिधि में नहीं आते हैं, इसे तय करते वक्त निष्पक्षता का ध्यान रखना चाहिए.
साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि केंद्र सरकार द्वारा पारित यह विधेयक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी समान और पारदर्शी तरीके से लागू हो सके.
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने इसका स्वागत किया था.
राष्ट्रपति के इस क़दम के बाद सरकार के पास दो विकल्प हैं. या तो इस विधेयक में अपेक्षित संशोधन किए जाएँ और फिर से राष्ट्रपति के पास भेजा जाए.
या फिर इसी विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पारित करके फिर से राष्ट्रपति के पास भेज दिया जाए. और ऐसी स्थिति में इस विधेयक को मंज़ूरी देना राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी होगा.
उल्लेखनीय है कि जया बच्चन की राज्यसभा से सदस्यता ख़त्म किए जाने के बाद से लाभ के पद का विवाद चल रहा है.
उनकी सदस्यता ख़त्म किए जाने के बाद यूपीए चेयरपर्सन और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने लोकसभा से इस्तीफ़ा देकर फिर चुनाव लड़ा है. उन्होंने राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के प्रमुख के पद से भी इस्तीफ़ो दे रखा है.
लेकिन ये मामला सिर्फ़ सोनिया गाँधी तक सीमित नहीं है. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, लोकसभा मे विपक्ष के उपनेता विजय कुमार मल्होत्रा और समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह सहित कई सांसदों पर लाभ के पद पर आसीन होने का आरोप है.
इन लोगों के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग के सामने शिकायतें भी दर्ज की गई हैं.