मंगलवार, 30 मई, 2006 को 07:18 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल छात्रों से कहा कि वे अपनी हड़ताल ख़त्म करें या फिर अदालत की अवमानना के आरोप झेलने के लिए तैयार रहें.
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों से कहा है कि मरीज़ों के हक़ में हड़ताल ख़त्म की जानी चाहिए और सरकार से हड़ताल की स्थिति पर बुधवार को एक रिपोर्ट देने को कहा है.
उल्लेखनीय है कि सोमवार को आरक्षण से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों से हड़ताल ख़त्म करने की अपील की थी.
लेकिन इस अपील के बावजूद मेडिकल छात्रों ने अपनी एक पखवाड़े पुरानी हड़ताल को जारी रखने का निर्णय लिया था.
न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत और न्यायमूर्ति एसएस पंटा के अवकाश पीठ ने मसले का ख़ुद होकर संज्ञान लेते हुए कहा है कि कि सोमवार को अदालत ने व्यापक जनहित में हड़ताल ख़त्म करने को कहा था लेकिन हड़ताल जारी है.
पीठ ने कहा, "हमारी चिंता इस समय सरकार की नीतियों को लेकर नहीं है, हम इस समय लोगों की हालत पर चिंतित हैं."
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला अदालत में विचाराधीन है इसलिए न इस पर टिप्पणी की जा सकती है, न प्रदर्शन और हड़ताल किया जा सकता है.
केंद्र सरकार के सहयोग से चल रहे उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़ी जातियों के छात्रों को आरक्षण देने के विरोध में मेडिकल छात्र हड़ताल कर रहे हैं.
उधर सरकार ने साफ़ कर दिया है कि आरक्षण जून 2007 से लागू हो जाएगा. हालांकि सरकार ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखने और इसके लिए संस्थानों में सीटें बढ़ाने का आश्वासन दिया है.
छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया था जिसमें केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके पूछा गया है कि पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिए जाने का आधार क्या है.