मंगलवार, 30 मई, 2006 को 04:48 GMT तक के समाचार
हड़ताल ख़त्म करने की सुप्रीम कोर्ट की अपील के बावजूद मेडिकल छात्रों ने अपनी एक पखवाड़े पुरानी हड़ताल को जारी रखने का निर्णय लिया है.
देश भर के मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विचार करने के बाद हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया.
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के समर्थन से चल रहे उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़ी जातियों के छात्रों को आरक्षण देने के विरोध में मेडिकल छात्र हड़ताल कर रहे हैं.
उधर सरकार ने इस हड़ताल के बावजूद ये घोषणा की है कि आरक्षण जून 2007 से लागू हो जाएगा. हालांकि सरकार ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखने का आश्लासन दिया है और इसके लिए संस्थानों में सीटें बढ़ाने की तैयारियाँ की जा रही हैं.
छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया है जिसमें केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके पूछा गया है कि पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिए जाने का आधार क्या है.
मेडिकल छात्रों ने कहा है कि वे हड़ताल ख़त्म नहीं कर रहे हैं लेकिन वे अस्पताल के बाहर सामानांतर ओपीडी चलाएँगे.
इस बीच दिल्ली से शुरु हुई हड़ताल कई शहरों में फैल चुकी है और मेडिकल छात्रों के अलावा अन्य वर्ग के लोगों का भी इसे समर्थन मिल रहा है.
सोमवार को दिल्ली में मेडिकल छात्र एक रैली निकाल रहे हैं जबकि अहमदाबाद में सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में हड़ताल का आव्हान किया गया है.