सोमवार, 29 मई, 2006 को 06:59 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में एक अदालत ने दो इस्लामी चरमपंथी नेताओं और पाँच अन्य लोगों को दो जजों की हत्या के मामले में मौत की सज़ा सुनाई है.
सिद्दिक़ुल इस्लाम और शेख अब्दुल रहमान एक प्रतिबंधित इस्लामी संगठन जमातुल मुजाहिदीन के सदस्य हैं और उन्हें मार्च में गिरफ़्तार किया गया था.
ग़ौरतलब है कि नवंबर, 2005 में दो जजों की कार पर बम फेंक कर हत्या कर दी गई थी.
इसके पहले बांग्लादेश में कई स्थानों पर बम धमाके किए गए थे. इन घटनाओं के लिए प्रतिबंधित संगठन जमातुल मुजाहिदीन को दोषी ठहराया गया था.
समाचार एजेंसी रॉयटर के अनुसार न्यायधीश रेज़ा तारिक ने कहा,'' मैं इस मामले में सबसे अधिक सज़ा इसलिए सुना रहा हूँ क्योंकि अभियुक्तों के इसमें शामिल होने के बारे में कोई शक नहीं है.''
इसके पहले अगस्त 2005 में बांग्लादेश के लगभग सभी ज़िलों में एक घंटे के अंदर क़रीब 500 बम धमाके हुए थे जिनमें 28 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे.
इसके बाद जमातुल मुजाहिदीन के सदस्यों के ख़िलाफ़ 100 से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए थे.
बाद में जमातुल मुजाहिदीन के मुखिया शेख अब्दुल रहमान ने पूर्वोत्तर सिलहट ज़िले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.
अधिकारियों का आरोप है कि यह संगठन बम अभियान चला रहा था. जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश में इस्लामी क़ानून स्थापित करना चाहता है.
अधिकारियों का कहना है कि जजों पर हमले की वजह शायद ये है कि वे देश के धर्मनिरपेक्ष क़ानून के हिसाब से फ़ैसले सुनाते हैं जबकि यह संगठन देश में शरिया क़ानून लागू कराना चाहता है.