अमरीकी ऑटोमोबाइल कंपनी फ़ोर्ड की सहायक कंपनी हिमालयन स्की विलेज भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्की योजना में 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी.
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने प्रदेश सरकार और हिमालयन स्की विलेज कंपनी के बीच हुए समझौते को हरी झंडी दे दी है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि ये परियोजना प्रदेश के लिए काफ़ी लाभदायक साबित होगी.
केंद्र में पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि पर्यटन के क्षेत्र में
भारत में ये सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है.
हिमालयन स्की विलेज कंपनी के निदेशक अजय डबरा ने कहा है कि ये योजना कु्ल्लू घाटी में शुरू होगी हालांकि मनाली भी हिमाचल का मशहूर पर्यटक स्थल है.
परियोजना
स्की परियोजना करीब तीन सालों में पूरी होगी.
हिमालयन स्की विलेज कंपनी के निदेशक अजय डबरा ने बताया कि करीब 700 पाँच सितारा कमरे, 300 स्विस विला और एक हथकरघा गाँव बनाए जाने की योजना है.
उन्होंने जानकारी दी कि बेस पार्क में 1000 वाहन होंगे और आधुनिक तकनीक वाला गंडोला हर घंटे पर करीब 500 यात्रियों को 14000 फ़ीट की ऊँचाई पर ले जाएगा.
अजय डबरा का कहना था कि परियोजना पर काम इस साल के अंत तक या अगले साल के आरंभ में शुरू हो जाएगा.
कंपनी के निदेशक ने बताया कि इस परियोजना के लिए कोलोराडो के एक पुरातत्वविद के सेवाएँ ली जाएँगी.
परियोजना के डिज़ाइन के बारे में अजय डबरा ने बताया कि रिसॉर्ट का डिज़ाइन ऐसा होगा कि वो हिमालय के इलाक़ों में पत्थर और लकड़ी के इस्तेमाल वाली पारंपरिक वास्तुकला से मेल खाएगा.
हिमाचल के एक वरिष्ठ पर्यटन अधिकारी तरूण श्रीधर ने कहा कि कंपनी करीब 140 हेक्टेयर ज़मीन निजी पक्षों से खरीदेगी और पाँच हेक्टेयर ज़मीन राज्य सरकार से 99 साल की लीज़ पर ली जाएगी.
स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद इस स्की परियोजना को हरी झंडी दी गई है. लोगों का कहना है कि इस परियोजना के चलते जंगलों और जंगल के संसाधनों तक उनकी पहुँच ख़त्म हो जाएगी.
भारतीय जनता पार्टी स्थानीय नागरिकों की इस माँग का समर्थन कर रही है.
लेकिन हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि अगर ऐसी परियोजनाओं को मंज़ूरी मिलती है तो अन्य कंपनियाँ भी यहाँ निवेश करेंगी.