गुरुवार, 25 मई, 2006 को 19:53 GMT तक के समाचार
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने छात्रों से आंदोलन ख़त्म करने की अपील करते हुए कहा है कि उनकी राय में आरक्षण का मुद्दा अब ख़त्म हो गया है.
उन्होंने सभी वर्गों के छात्रों के हितों का ध्यान रखने का आश्वासन दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर क़दम वापसी का अब कोई प्रश्न नहीं है.
उधर मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने स्पष्ट किया है कि पिछड़े वर्ग के लोगों को उच्च शिक्षा संस्थानों में 27 प्रतिशत आरक्षण एक साथ लागू किया जाएगा, न कि किस्तों में.
इस बीच देश भर में आरक्षण विरोधी आंदोलन जारी है और गुरुवार को देश के कई हिस्सों में आरक्षण विरोधी छात्रों ने रैलियाँ निकाली और विरोध प्रदर्शन किया.
दिल्ली सहित कई शहरों में छात्रों को व्यापारियों का भी समर्थन मिला.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने फ़ैसला किया है कि केंद्र सरकार के सहयोग से चलने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों में अगले साल जून से पिछड़े वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा.
सरकार ने आरक्षण के दायरे में न आने वाले छात्रों के हितों की रक्षा के लिए इन संस्थानों में सीटें बढ़ाने का फ़ैसला भी किया है.
मुद्दा ख़त्म
गोलमेज़ सम्मेलन के लिए श्रीनगर गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक सवाल के जवाब में आरक्षण पर साफ़ कर दिया कि अब फ़ैसला हो चुका और सरकार कोई समझौता नहीं करने जा रही है.
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि आरक्षण का मुद्दा पहले ही ख़त्म हो चुका है."
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने निर्णय ले लिया है और इसकी घोषणा भी की जा चुकी है जो सभी की जानकारी में है.
उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों को देखकर उन्हें दुख होता है.
छात्रों से आंदोलन ख़त्म करने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, "छात्र अपना आंदोलन ख़त्म करें और मैं आश्वासन देता हूँ कि सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए एक व्यावहारिक और विश्वसनीय रास्ता निकालेगी."
पत्रकारवार्ता में एक सवाल के जवाब में मनमोहन सिंह ने कहा कि यदि छात्र उनसे मिलना चाहें तो उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है.
उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि वे इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं या सामने आने से बच रहे हैं.
आरक्षण एक साथ
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने दिल्ली में स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण एक साथ लागू किया जाएगा.
वैसे तो सरकार इसका फ़ैसला पहले ही कर चुकी है लेकिन अर्जुन सिंह को ये सफ़ाई एक अख़बार में छपी ख़बर के बाद देनी पड़ी है.
अख़बार ने एक और केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के हवाले से ख़बर छापी है कि पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण किस्तों में दिया जाएगा.
अर्जुन सिंह ने इस संबंध में पत्रकारों के एक सवाल पर कहा कि मंत्रिमंडल का फ़ैसला साफ़ है और अब इसमें कुछ कहने की ज़रुरत नहीं है.
वैसे आरक्षण के मुद्दे पर कपिल सिब्बल के एक बयान पर पहले भी विवाद की स्थिति बन गई थी.
आंदोलन
उधर आरक्षण विरोधी आंदोलन और तेज़ होता दिखाई दे रहा है.
दिल्ली में गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश लिया और आंदोलनरत छात्रों ने दिल्ली बंद का आव्हान किया था.
दिल्ली के कई इलाक़ों में व्यापारियों ने छात्रों का साथ दिया.
भोपाल, आगरा, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, जम्मू, देहरादून, मुंबई और जयपुर सहित देश के कई हिस्सों में आरक्षण विरोधी आंदोलन का असर गुरुवार को दिखा और ज़्यादातर जगह स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हुईं.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आरक्षण के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद का आव्हान किया है.