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गुरुवार, 25 मई, 2006 को 03:56 GMT तक के समाचार

आरक्षण के ख़िलाफ़ हड़ताल का आह्वान

आरक्षण के विरोध में दिल्ली में धरने पर बैठे डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने गुरुवार को नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों से भी उनके समर्थन में कामकाज और कारोबार बंद रखने का आह्वान किया है.

हड़ताल करने वाले छात्रों ने 'सविनय अवज्ञा' आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है. यह अभियान यूथ फ़ॉर इक्वेलिटी नाम के एक बैनर तले चलाया जा रहा है.

राजधानी दिल्ली में व्यापारियों ने इसके समर्थन में कुछ जगहों पर अपनी दुकानें बंद रखीं. कुछ नागरिक समितियां भी इन छात्रों के समर्थन में आगे आईं हैं.

ग़ौरतलब है कि भारत के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने इन छात्रों और डॉक्टरों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी. इसके बावजूद आरक्षण के ख़िलाफ़ दिल्ली के डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फ़ैसला किया है.

राष्ट्रपति ने मेडिकल छात्रों से कहा है कि वो भूख हड़ताल समाप्त करें और सामान्य रूप से कामकाज करें. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि संस्थानों में सीटें बढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी.

आरक्षण

ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़े वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण अगले साल जून से दिया जाएगा.

यूपीए की समन्वय समिति और वामपंथी दलों की बैठक के बाद सरकार ने घोषणा की है कि इसके लिए संसद के मानसून सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा.

साथ ही सरकार ने एक समिति बनाने का फ़ैसला किया है जो आरक्षण के दायरे में न आने वाले अन्य वर्गों के हितों पर विचार करेगी और सीटें बढ़ाने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाएगी.

इस समिति की रिपोर्ट अगस्त 2006 तक आ जाएगी.

उल्लेखनीय है कि सरकार ने जब से केंद्र सरकार की मदद से चलने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण का फ़ैसला किया है तब से इसका विरोध भी शुरु हो गया है.

दिल्ली और कई शहरों के मेडिकल छात्र पिछले 13 दिनों से हड़ताल पर हैं और दूसरे संस्थानों के छात्रों ने भी उन्हें कई जगह समर्थन दिया है.