सोमवार, 22 मई, 2006 को 03:39 GMT तक के समाचार
हुर्रियत कॉफ़्रेंस के उदारवादी धड़े ने कश्मीर मसले पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में होनेवाले गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा न लेने का फ़ैसला किया है.
हालाँकि उदारवादी गुट के अध्यक्ष मीरवाइज़ उमर फ़ारुक़ ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री इस सम्मेलन से अलग श्रीनगर में उनके साथ बातचीत करना चाहते हैं, तो हुर्रियत इसके लिए तैयार है.
यह गोलमेज सम्मेलन भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में 24 से 25 मई तक होना है.
उमर फ़ारूक़ ने अपनी पार्टी की जनरल काउंसिल की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, "इस सम्मेलन में भारत समर्थक गुटों की भीड़ इकट्ठा करने से शायद ही कश्मीर समस्या का कोई समाधान निकले."
उन्होंने कहा, "इस फ़ैसले का यह समलब नहीं है कि हुर्रियत कश्मीर समस्या पर बातचीत नहीं करना चाहती. हम भारत और पाकिस्तान दोनों से ही इस समस्या के समाधान पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
सैयद अली शाह गीलानी के नेतृत्व वाले हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह गोलमेज़ सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. पहले गोलमेज सम्मेलन में भी हुर्रियत शामिल नहीं हुआ था.
रैलियों पर रोक
उधर जम्मू-कश्मीर में एक सरकारी आदेश के तहत अगले दो दिनों तक किसी भी सार्वजनिक रैली के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
गोलमेज सम्मेलन के ठीक तीन दिन पूर्व रविवार को श्रीनगर में कांग्रेस की रैली में हुए चरमपंथी हमले को बातचीत के रास्ते में रुकावट पैदा करने की कोशिश के रुप में देखा जा रहा है.
यह फ़ैसला इसी घटना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए थे. हालांकि मनमोहन सिंह ने साफ़ किया है कि इस हमले से राज्य में शांति बहाली के उपाय नहीं रुकेंगे.