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रविवार, 21 मई, 2006 को 16:16 GMT तक के समाचार

'आरक्षण संवैधानिक सच्चाई है'

भारत में केंद्र सरकार ने कहा है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के अपने मकसद से वो पीछे नहीं हटेगी.

कोलकाता शहर में एक पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि आरक्षण संवैधानिक सच्चाई है.

उन्होंने कहा कि सरकार समता और बराबरी वाला समाज बनाने की अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी.

जयराम रमेश का कहना था कि ये सोचना ग़लत होगा कि अगर शिक्षा संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्ग के लिए सीटें आरक्षित की जाती हैं तो इससे शैक्षणिक स्तर में गिरावट आएगी.

उन्होंने कहा कि राजनीतिक हलकों में आरक्षण के मुद्दे को लेकर आम सहमति है और भारत सरकार अपनी संवैधानिक दायित्व को नहीं छोड़ेगी.

इस बीच भारत के विभिन्न क्षेत्रों में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इससे चिकित्सा सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं.

भारत सरकार ने आरक्षण मुद्दे पर कई सुझाव दिए हैं जिसमें कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सीटें बढ़ाए जाने का प्रस्ताव शामिल है.

लेकिन इस सब के बावजूद प्रदर्शनकारियों की हड़ताल जारी है जो अब दूसरे हफ़्ते में प्रवेश कर गई है.

भारतीय प्रधानमंत्री आरक्षण मुद्दे पर सोमवार को विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से बातचीत करेंगे.

इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उच्च शिक्षा संस्थानों में आरक्षण के मसले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का आश्वासन देते हुए डॉक्टरों से हड़ताल ख़त्म करने की अपील की थी.

रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री द्वारा गठित मंत्री समूह ने आरक्षण विरोधी संगठनों के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों से बातचीत के बाद अपनी रिपोर्ट शनिवार को सौंप दी थी.