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रविवार, 21 मई, 2006 को 09:43 GMT तक के समाचार

प्रधानमंत्री की हड़ताल समाप्ति की अपील

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उच्च शिक्षा संस्थानों में आरक्षण के मसले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का आश्वासन देते हुए डॉक्टरों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है.

प्रधानमंत्री ने पहली बार इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देते हुए शनिवार शाम को कहा कि आरक्षण के मामले का समाधान ढ़ूंढ़ने के लिए संजीदगी से प्रयास किए जा रहे हैं और डॉक्टरों को सरकार पर भरोसा करना चाहिए.

प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मनमोहन सिंह ने छात्रों से आरक्षण पर विरोध प्रदर्शन का रास्ता छोड़ कर सरकार को इस मामले का हल निकालने में सहयोग देने की अपील की.

इस बीच रक्षा मंत्री प्रणव मुख़र्जी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री द्वारा गठित मंत्री समूह ने आरक्षण विरोधी संगठनों के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों से बातचीत के बाद अपनी रिपोर्ट शनिवार को सौंप दी.

ख़बरें हैं कि प्रधानमंत्री इस रिपोर्ट पर विभिन्न राजनितिक दलों के साथ विचार विमर्श का सिलसिला सोमवार से शुरू करेंगे.

उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों को 27.5 फ़ीसदी आरक्षण के प्रस्ताव पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

मंत्री समूह की सिफ़ारिशें

प्रणव मुख़र्जी के नेतृत्व में गठित मंत्री समूह ने आईआईटी और आईआईएम जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से सीटों की संख्या बढाने की सिफ़ारिश की है ताकि आरक्षण से सामान्य वर्ग के छात्र प्रभावित न हो सकें.

इसमें भविष्य में बनने वाले नए शिक्षा संस्थानों में सीटों की संख्या का भी जिक्र है.

मंत्री समूह ने आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए बुनियादी संरचना को भी मजबूत बनाने की ज़रुरत बताई है.

प्रणव मुख़र्जी ने शनिवार को कांग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठक में भी आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी नेताओं को सरकार के रुख़ की जानकारी दी.

बाद में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि वह छात्र समुदाय के साथ लगातार संपर्क में हैं और इस मामले का समाधान सभी के हित में हो ऐसी कोशिश की जा रही है.

हडताल

इस बीच राजधानी दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को दसवें दिन भी जारी है.

यूथ फॉर इक्वलिटी के बैनर तले आरक्षण प्रस्ताव का विरोध कर रहे डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है.

शनिवार को राजधानी में एक बड़ी आरक्षण विरोधी रैली हुई जिसमें पहली बार मेडिकल कॉलेजों के अलावा दिल्ली विश्विद्यालय और आईआईटी के छात्र शामिल हुए.