शुक्रवार, 19 मई, 2006 को 11:54 GMT तक के समाचार
भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों में पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण के समर्थन में शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शन कर रहे मेडिकल छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें कई छात्र घायल हो गए
छात्रों के साथ झड़प में कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है.
इस बीच आरक्षण का विरोध कर रहे देश के विभिन्न अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रही.
पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस की झड़प तब शुरू हुई जब एक स्थानीय अंग्रेज़ी अख़बार के कार्यालय के पास छात्रों ने टीवी पत्रकारों पर कथित रूप से हमला किया.
आरक्षण समर्थक छात्र मीडिया पर उन्हें पर्याप्त कवरेज़ नहीं देने का आरोप लगा रहे थे.
पुलिस महानिरीक्षक अनिल सिन्हा ने पत्रकारों को बताया कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार सिन्हा ने कहा, "पत्रकारों को बचाने के प्रयास में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और हमें लाठीचार्ज करने पर बाध्य होना पड़ा."
दूसरी ओर प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस पर ज़्यादती करने का आरोप लगाया है.
इस बीच आरक्षण के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के पश्चिमी शहर मेरठ और गुजरात के अहमदाबाद समेत देश के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन किया.
विवाद
इससे पहले गुरुवार को रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रियों की एक समिति से दिल्ली के हड़ताली जूनियर डॉक्टरों की बातचीत विफल रही थी.
इस समय उच्च शिक्षण संस्थानों में 22.5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, जबकि सरकार के नए निर्णय के कार्यान्वयन के बाद 49.5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हो जाएँगी.
छात्रों के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षकों और उद्योगपतियों ने भी सरकार के इस क़दम की यह कहते हुए आलोचना की है कि इससे शिक्षा का स्तर गिरेगा.
सरकार ने आरक्षण पर उठे विवाद के समाधान के लिए मंत्रियों के एक समिति का गठन किया है.
इस समिति में वित्तमंत्री पी चिदंबरम, रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी, कानूनमंत्री हंसराज भारद्वाज और मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह शामिल हैं.