गुरुवार, 18 मई, 2006 को 16:37 GMT तक के समाचार
राजीव खन्ना
बीबीसी गुजरात संवाददाता
गुजरात में 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान मारे गए एक हिंदू व्यक्ति के मामले में एक निचली अदालत ने गुरूवार को चार मुसलमानों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है.
इस बीच वड़ोदरा के दभोई शहर में दो मुसलमान बच्चों के शव बरामद होने से शहर में तनाव फैल गया.
27 फ़रवरी 2002 में गोधरा में एक रेलगाड़ी में लगी आग से भड़के उन सांप्रदायिक दंगों में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें ज़्यादातर मुसलमान थे, हालाँकि ग़ैरसरकारी संगठन मृतकों की संख्या दो हज़ार से ज़्यादा बताते हैं.
रेलगाड़ी में लगी उस आग में 59 हिंदुओं की मौत हो गई थी.
अहमदाबाद की एक निचली अदालत ने शहर के गोमतीपुर इलाक़े में एक हिंदू - देवानंद सोलंकी का अपहरण करके उसकी हत्या करने के मामले में चार मुसलमानों को दोषी क़रार दिया है.
गोमतीपुर इलाक़े में 30 मार्च 2002 को हिंदुओं और मुसलमानों के बीच हुई झड़पों के बाद से देवानंद सोलंकी ग़ायब थे.
जज डीटी सोनी ने कहा कि यह मुक़दमा "अपनी तरह का अकेला" मामला है. इस मुक़दमे में 36 गवाहों से पूछताछ की गई.
बचाव पक्ष के वकील एमएम शेख़ ने बीबीसी से कहा कि वह अदालत की इस राय से सहमत नहीं हैं कि यह "अपनी तरह का अकेला" मामला है क्योंकि अहमदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में सांप्रदायिक हिंसा में अनेक लोग मारे गए हैं.
शेख़ ने कहा कि चार लोगों को दोषी क़रार देने का यह फ़ैसला सिर्फ़ एक गवाह के बयान पर आधारित है. शेख़ ने कहा कि वह निचली अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ गुजरात उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.
ग़ौरतलब है कि गोधरा में 27 फ़रवरी 2002 को रेलगाड़ी में लगी आग से भड़के दंगे कई महीनों तक चले थे और उन्हें कारगर तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाने के लिए तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना हुई थी.
तनाव
पुलिस ने बताया है कि दभोई शहर में विश्व हिंदू परिषद के एक नेता की कार से दो मुसलमान बच्चों के शव बरामद होने से शहर में तनाव फैल गया.
पुलिस के अनुसार वे बच्चे दो दिन पहले एक शादी में शामिल होने के लिए गए थे लेकिन तभी से लापता बताए गए थे.
पुलिस ने बताया कि वह कार सड़क के किनारे खड़ी थी तभी उसमें शव पाए गए और इस बात की जाँच की जा रही है कि वे शव उस कार के अंदर कैसे पहुँचे.
पुलिस ने कहा है कि इलाक़े में हिंदू और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़कने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और शांति बनाए रखने के लिए तमाम एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि वड़ोदरा में हाल ही में एक दरगाह को गिराए जाने के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी जिसमें छह लोग मारे गए थे.