गुरुवार, 18 मई, 2006 को 23:55 GMT तक के समाचार
अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने देश में दो दिनों में हुए भीषण संघर्ष के लिए पाकिस्तान की ख़ुफिया एजेंसी आईएसआई को ज़िम्मेदार ठहराया है.
उन्होंने कहा कि आईएसआई पिछले कई महीनों से चरमपंथियों को मदद दे रही है और उन्हें संघर्ष के लिए उकसा रही है.
उल्लेखनीय है कि लगभग ऐसा ही एक आरोप दो दिनों पहले अफ़ग़ानिस्तान के एक प्रांतीय गवर्नर ने भी लगाया था.
तालेबान के सत्ता से हटने के बाद से अब तक के सबसे भीषण संघर्ष में सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई है.
सन् 2001 में अमरीका के नेतृत्व वाली सेना ने तालेबान की सत्ता पलट दी थी जिसके बाद से अफ़गानिस्तान में छिटपुट हिंसा होती रही है लेकिन बुधवार को शुरु हुए संघर्ष में बहुत भीषण था.
अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस संघर्ष के लिए पाकिस्तान की ख़ुफिया एजेंसी आईएसआई को ज़िम्मेदार ठहराया है.
उन्होंने कहा कि आईएसआई पिछले कई महीनों से चरमपंथियों को मदद दे रही है और उन्हें संघर्ष के लिए उकसा रही है.
पाकिस्तानी सीमा के पास कुनार प्रांत में करज़ई ने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई युवा अफ़गानों को स्कूल जलाना और पुनर्वास कार्यों में बाधा पहुंचाने की ट्रेनिंग दे रहा है.
राष्ट्रपति ने यहां तक कहा कि अब पाकिस्तान को यह मान लेना चाहिए कि वह अफ़गानिस्तान के भविष्य पर नियंत्रण नहीं कर सकता जैसा कि पूर्व में करता आया है.
पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान में चरमपंथी गतिविधियों को समर्थन देने संबंधी आरोपों का ज़ोरदार खंडन किया है.
भीषण संघर्ष
संघर्ष हेलमंद प्रांत में हुआ जहाँ हज़ारों ब्रितानी फ़ौजें भी तैनात हैं. वहाँ तालेबान ने एक बड़ा हमला किया जिसे 2001 में विदेशी सेनाओं के हमले के बाद से सबसे ख़तरनाक हमला बताया गया है.
सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि इस लड़ाई में 13 पुलिसकर्मी और पचास चरमपंथी भी मारे गए हैं.
इससे पहले कंधार में भी संघर्ष की ख़बरें मिली थीं जिसमें विदेशी गठबंधन सैनिकों ने 27 तालेबान लड़ाकों को मारने का दावा किया है.
ये हमले इन ख़बरों के बाद हुए हैं कि कनाडा की संसद ने अफ़ग़ानिस्तान में सेना की मौजूदगी को 2009 तक बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी है.
इसके अलावा हेरात प्रांत में एक आत्मघाती हमलावर ने एक सैन्य दस्ते पर हमला किया है जिसमें वो ख़ुद मारा गया और एक अमरीकी नागरिक की मौत हो गई.
अफ़ग़ान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि संघर्ष बुधवार दोपहर को शुरु हुआ जब तालेबान के एक कमांडर ने पुलिस को सूचना दी कि मूसा क़ाला शहर पर उनका कब्ज़ा हो गया है.
अधिकारियों का कहना है कि संघर्ष गुरुवार की सुबह तक चलता रहा.
हलमंद प्रांत के गवर्नर आमिर मोहम्मद अख़ुंदज़ादा के अनुसार सैकड़ों तालेबान लड़ाकों ने मूसा क़ाला शहर पर हमला किया था.