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अफ़ग़ानिस्तान में भीषण लड़ाई

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान लड़ाकों और सुरक्षा बलों के बीच हुए भीषण संघर्ष में लगभग 100 लोग मारे गए हैं जिनमें ज़्यादातर तालेबान लड़ाके हैं.

संघर्ष हेलमंद प्रांत में हुआ जहाँ हज़ारों ब्रितानी फ़ौजी भी तैनात हैं. वहाँ तालेबान ने एक बड़ा हमला किया जिसे 2001 में विदेशी सेनाओं के हमले के बाद से सबसे ख़तरनाक हमला बताया गाय है.

सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि इस लड़ाई में 13 पुलिसकर्मी और पचास चरमपंथी भी मारे गए हैं.

इससे पहले कांधार में भी संघर्ष की ख़बरें मिली थीं जिसमें विदेशी गठबंधन सैनिकों ने 27 तालेबान लड़ाकों को मारने का दावा किया है.

ये हमले इन ख़बरों के बाद हुए हैं कि कनाडा की संसद ने अफ़ग़ानिस्तान में सेना की मौजूदगी को 2009 तक बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी है.

इसके अलावा हेरात प्रांत में एक आत्मघाती हमलावर ने एक सैन्य दस्ते पर हमला किया है जिसमें वो ख़ुद मारा गया और एक अमरीकी नागरिक की मौत हो गई.

बड़ा संघर्ष

अफ़ग़ान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि संघर्ष बुधवार दोपहर को शुरु हुआ जब तालेबान के एक कमांडर ने पुलिस को सूचना दी कि मूसा क़ाला शहर पर उनका कब्ज़ा हो गया है.

अधिकारियों का कहना है कि संघर्ष गुरुवार की सुबह तक चलता रहा.

हलमंद प्रांत के गवर्नर आमिर मोहम्मद अख़ुंदज़ादा के अनुसार सैकड़ों तालेबान लड़ाकों ने मूसा क़ाला शहर पर हमला किया था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने गवर्नर के हवाले से कहा है, "तालेबान सरकार के गिरने के बाद से ये हेलमंद में अब तक का सबसे बड़ा हमला है."

ख़बरें हैं कि इस संघर्ष में कम से कम 13 अफ़ग़ान पुलिसकर्मी मारे गए हैं और कम से कम 50 तालेबान लड़ाकों की मौत हुई है.