बुधवार, 17 मई, 2006 को 09:31 GMT तक के समाचार
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में अपनी ही पार्टी की सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन छेड़ दिया है.
हालांकि वे झारखंड सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन चला रहे हैं लेकिन उनका असली निशाना पार्टी आलाकमान है जिसके ख़िलाफ़ वे अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं.
बुधवार, 17 मई को उन्होंने अपने गृहनगर गिरिडीह में 24 घंटे के उपवास के साथ अपने अभियान की शुरुआत की है.
चिंतित भाजपा ने महासचिव संजय जोशी को मंगलवार को उन्हें मनाने के लिए भेजा था.
संजय जोशी ने मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, राज्य के भाजपा अध्यक्ष यदुनाथ पांडे और बाबूलाल मरांडी से चर्चा की.
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के ख़िलाफ़ बाबूलाल मरांडी आरोप लगाते हैं, "राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है. अधिकारियों के पदों की नीलामी हो रही है और क़ीमत चुकाने के बाद अधिकारियों को तोहफ़े में मनपसंद पदस्थापना दी जा रही है."
बीबीसी से हुई चर्चा में उन्होंने कहा कि उन आरोपों पर मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तटस्थ बने हुए हैं और इसीलिए उन्हें अपनी लड़ाई के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है.
राँची से संवाददाताओ का कहना है कि भाजपा के लिए बड़ी चिंता की बात ये है कि बाबूलाल मरांडी को एनडीए के घटक दलों का भी समर्थन मिल रहा है.
संवाददाताओं का कहना है कि विपक्षी गठबंधन यूपीए बहुत ही कम बहुमत के साथ सत्तारुढ़ एनडीए सरकार में बिखराव का इंतज़ार कर रहा है ताकि वो अपनी सरकार बनाने का दावा कर सके.