बुधवार, 17 मई, 2006 को 20:57 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण पूर्वी प्रांत के एक गवर्नर ने पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी पर आरोप लगाया है कि वह विद्रोहियों को अफ़ग़ान और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षाबलों पर हमले के लिए बढ़ावा दे रही है.
खोस्त के गवर्नर ने कहा है कि तालेबान और अल क़ायदा के चरमपंथी नियमित रूप से पाकिस्तान से लगी सीमा को पार कर रहे हैं.
माना जाता है कि क़बायिलों इलाक़ों से होकर जानेवाले दोनों देशों के कई रास्तों को तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
तालेबान जब सत्ता में थे तो पहाड़ी रास्तों का ओसामा बिन लादेन और उनके लड़ाके आने जाने में इस्तेमाल किया करते थे.
इधर अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण के इलाक़े में सुरक्षा की स्थिति बिगड़ रही है जहाँ विद्रोहियों ने बम धमाके किए है और आत्मघाती हमलों की भी घटनाएँ सामने आईं हैं.
समर्थन बढ़ा
ऐसी ख़बरें हैं कि दक्षिणी अफ़गानिस्तान के शहर कंधार में तालेबान को स्थानीय लोगों का काफ़ी समर्थन मिल रहा है.
ब्रिटेन और कनाडा समेत कुछ अन्य देशों की सेनाएँ कंधार हवाई अड्डे से अपनी गतिविधियों का संचालन करती हैं.
कुछ ही दिनों पहले एक भारतीय इंजीनियर सूर्यप्रकाश की अफ़ग़ानिस्तान में हत्या कर दी गई थी.
इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के एक कमांडर ने आरोप लगाया था कि भारतीय इंजीनियर की हत्या में पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी का हाथ था.
अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने इस आरोप की जाँच कराने की घोषणा की थी जबकि पाकिस्तान सरकार ने आरोप को निराधार बताया था.
पाकिस्तान इन आरोपों से साफ़ इनकार करता है कि वह सीमा पर विद्रोहियों की किसी भी गतिविधि को बढ़ावा देता है.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान एक समय अफ़ग़ानिस्तान के सत्ताधारी तालेबान शासकों का समर्थन किया करता था.