मंगलवार, 16 मई, 2006 को 11:55 GMT तक के समाचार
नेपाल में राजा के अधिकारों पर लगाम लगाने में हो रही देरी से नाराज़ लोगों ने राजधानी काठमांडू में जम कर विरोध प्रदर्शन किया.
कई सरकारी वाहनों को आग लगा दी गई और टायरों में आग लगाकर लोगों ने अपना ग़ुस्सा दिखाया. देश में संसद बहाली के बाद यह पहला विरोध प्रदर्शन है.
सोमवार को ही संसद में राजा के अधिकारों को कम करने के मुद्दे पर बहस होनी थी लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे कुछ दिनों के लिए टाल दिया है.
लेकिन देश के गृह मंत्री कृष्ण सितौला ने लोगों से शांति की अपील की और कहा कि सरकार गुरुवार को प्रतिनिधि सभा की एक बैठक में इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव पेश करेगी.
चेतावनी
कई लोग इसमें देरी से नाराज़ है. विरोध प्रदर्शन के लिए निकले लोगों ने नई सरकार को चेतावनी दी और कहा, "सावधान रहें, जनता को धोखा न दें."
इस बीच गृह मंत्री कृष्ण सितौला ने कहा है कि लोगों को संयम से काम लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की भावनाओं का ख़्याल करते हुए उसी दिशा में आगे बढ़ रही है.
दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार शाही शक्तियों को कम करने का काम तेज़ी से करे. नाराज़ लोगों ने राजधानी काठमांडू के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया.
राजा के अधिकारों में कटौती का जो प्रस्ताव है, उसके तहत सेना पर से राजा का नियंत्रण ख़त्म किया जाएगा और देश के क़रीब 90 हज़ार सैनिक संसद के सीधे नियंत्रण में आ जाएँगे.
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि शाही परिवार की संपत्ति कर के दायरे में लाई जाएगी. पिछले महीने लोकतंत्र समर्थक पार्टियों के विरोध प्रदर्शन के कारण नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने संसद बहाल करने का फ़ैसला किया था. उसके बाद गिरिजा प्रसाद कोइराला देश के प्रधानमंत्री बने हैं.