सोमवार, 15 मई, 2006 को 21:08 GMT तक के समाचार
आरक्षण मुद्दे पर मेडिकल छात्रों के आंदोलन को देखते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि वह जल्द ही एक ऐसी व्यवस्था की घोषणा करेगी जिससे समाज के सभी वर्गों को संतुष्ट किया जा सके.
इस संबंध में कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की बैठक हुई जो लगभग 90 मिनट चली. इसमें मेडिकल छात्रों के आंदोलन के कारण उत्पन्न स्थिति पर विचार विमर्श किया गया.
इसके बाद रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने घोषणा की कि नई प्रणाली का विस्तृत ब्योरा तैयार किया जा रहा है और जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी.
प्रणव मुखर्जी ने कहा,'' सरकार का किसी को भी नुक़सान पहुँचाने का इरादा नहीं है. ये भी हमारे ही बच्चे हैं और हमें उम्मीद है कि वे आंदोलन समाप्त कर देंगे.''
लेकिन उन्होंने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया कि सरकार केंद्रीय विश्वविद्यालयों और प्रमुख संस्थानों में अन्य पिछड़ी जातियों को आरक्षण के प्रस्ताव से पीछे हट रही है.
दूसरी ओर हड़ताली मेडिकल छात्रों ने मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह से मिलने से इनकार कर दिया है.
स्थिति बिगड़ी
राजधानी दिल्ली में आरक्षण के विरोध में निजी और सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. हालांकि आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर रही है.
रविवार को दिल्ली में प्रदर्शनों का दौर शुरु हुआ था जो अब मुंबई, अहमदाबाद और बंगलौर तक फैल गया है.
पिछले एक हफ्ते से भारत के कई मेडिकल कॉलेजों के छात्र अन्य पिछड़ी जातियों को आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं.
मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने विभिन्न कॉलेजों में अन्य पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. इसके बाद इन संस्थानों में कुल आरक्षण लगभग 50 प्रतिशत हो जाएगा.