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रविवार, 14 मई, 2006 को 23:56 GMT तक के समाचार

बेनज़ीर और नवाज़ साझा मोर्चे पर सहमत

पाकिस्तान के निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टो साझा मोर्चा बनाने पर सहमत हो गए हैं.

इसके तहत रविवार को लंदन में दोनों नेताओं ने 'लोकतंत्र के एक घोषणापत्र' पर हस्ताक्षर किए.

नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टो किसी वक्त एक दूसरे के कट्टर विरोधी थे. लेकिन अब दोनों नेताओं ने मिलकर मौजूदा राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के शासन के ख़िलाफ़ अभियान चलाने का फ़ैसला किया है.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में अगले साल आम चुनाव है और इसे उसकी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है.

समाचार एजेंसी रायटर के अनुसार नवाज़ शरीफ़ का कहना था कि विपक्ष इसमें तभी आम चुनावों में हिस्सा लेगा यदि ये किसी तटस्थ सरकार के तहत होंगे.

हाथ मिलाया

ग़ौरतलब है कि बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ को छह साल पहले निर्वासित कर दिया गया था.

पाकिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ़ ने 1999 में नवाज़ शरीफ़ सरकार का तख़्ता पलट दिया था और सत्ता अपने हाथ में ले ली थी.

फिर नवाज़ शरीफ़ पर चले मुक़दमे में उन्हें देशद्रोह और करों की चोरी के आरोपों में उम्र क़ैद की सज़ा सुना दी गई थी.

लेकिन अगले साल उनकी सज़ा माफ़ कर दी गई और नवाज़ शरीफ़ को सऊदी अरब निर्वासित कर दिया गया.

नवाज़ शरीफ़ सन् 2000 से ही सऊदी अरब मे निर्वासन का जीवन बिता रहे हैं. समझौते के तहत वो 2010 तक पाकिस्तान वापस नहीं लौट सकते हैं.

दूसरी ओर बेनज़ीर भुट्टो ने 1996 में सेना द्वारा सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही ख़ुद देश से राजनीतिक निर्वासन ले रखा है और वो दुबई और लंदन में रहती हैं.