माओवादी नेता मैत्रिका यादव ने कहा है कि नेपाल सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता में माओवादियों का नेतृत्व प्रचंड करेंगे.
ये बात उन्होंने जेल से रिहा किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही.
इससे पहले मीडिया में सूत्रों का नाम दिए बगैर ये ख़बर आई थी कि माओवादियों के प्रवक्ता कृष्ण बहादुर महरा तीन सदस्यीय दल का नेतृत्व करेंगे.
नेपाल सरकार और माओवादी शांति वार्ता शुरू करने पर सहमत हो चुके हैं. लेकिन बातचीत की तारीख़ और जगह तय नहीं हुई है.
नेपाल सरकार ने अभी ये नहीं बताया है कि उसकी ओर से शांति वार्ता में कौन हिस्सा लेगा.
राजशाही की भूमिका तय करने के लिए संविधान सभा के गठन के मुद्दे को लेकर पिछले पाँच वर्षों में शांति वार्ता दो बार विफल हो चुकी है.
नेपाल की मौजूदा सरकार संविधान सभा के लिए चुनाव करवाने पर सहमत हो गई है.
नेपाल में चले जनआंदोलन के बाद राजा ज्ञानेंद्र ने पिछले महीने संसद बहाल करने की घोषण की थी और उसके बाद गिरिजा प्रसाद कोइराला के नेतृत्व में नई सरकार बनी है.
माना जा रहा है कि प्रस्तावित शांति वार्ता में संविधान सभा के चुनाव करवाने और माओवादियों द्वारा हथियार डालने पर चर्चा होगी.
नेपाल में पिछले दस सालों में माओवादी हिंसा के दौरान कम से कम तेरह हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.