मंगलवार, 09 मई, 2006 को 18:33 GMT तक के समाचार
यूपीए सरकार ने फ़ैसला किया है कि लाभ के पद के मामले में संविधान संशोधन करने के बजाय मौजूदा क़ानून में ही कुछ उपबंध और जोड़ लिए जाएँ.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इसकी मंज़ूरी दे दी है और केंद्रीय रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी जल्दी ही इसे लेकर सभी दलों के बीच सहमति बनाएँगे.
संसद को बजट सत्र जिस तरह से लाभ के पद को लेकर विवाद के बीच एकाएक ख़त्म हुआ था और जिस तरह से सोनिया गाँधी ने लोकसभा से इस्तीफ़ा दिया था, संभावना है कि बुधवार से शुरु हो रहा सत्र में भी इसे लेकर गहमागहमी रहेगी.
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने जया बच्चन के मामले में जिस तरह से राहत देने से इंकार किया है उसने इस मामले की गंभीरता को बढ़ा दिया है.
उल्लेखनीय है कि जया बच्चन की राज्य सभा की सदस्यता लाभ के पद को लेकर ही ख़त्म की गई थी.
इसके बाद राष्ट्रपति और चुनाव आयोग के पास कई दलों को दर्जनों सांसदों की शिकायतें पहुँच गई थीं कि वे लाभ के पदों पर हैं और साथ ही संसद के सदस्य भी हैं.
फ़ैसला
वैसे तो कुछ पदों को लाभ के दायरे से बाहर लाने को लेकर संसद के सभी दलों के बीच सहमति है क्योंकि लगभग सभी महत्वपूर्ण दलों के सांसद कथित तौर पर लाभ के पदों पर हैं.
लेकिन सरकार को इस बात पर सहमति बनानी है कि कौन से पद लाभ के पद होंगे और किन्हें इस दायरे से बाहर रखा जाए.
जैसा कि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने बताया, क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज को राजनीतिक दलों से बातचीत कर सहमति बनाने का जिम्मा सौंपा गया है.
इसके अलावा लोकसभा में नेता प्रवण मुखर्जी भी दलों के नेताओं और सांसदों से विचार विमर्श करेंगे और इसके बाद क़ानून मंत्रालय लाभ के पदों की एक सूची तैयार करेगा.
दासमुंशी ने बताया कि मंत्रीमंडल ने फ़ैसला किया है कि लाभ के पद के माममें में 1959 के मौजूदा क़ानून में संशोधन करने के बजाय इसमें कुछ उपबंध जोड़ लिए जाएँ.
संभावना है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) को लाभ के पद की सूची से अलग कर दे क्योंकि इसी पद में रहने के कारण सोनिया गाँधी ने लोकसभा से इस्तीफ़ा देकर दोबारा चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया था.
हालांकि इस संबंध में पूछे गए एक सवाल का दासमुंशी ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि किसी पद विशेष के बारे में कुछ कह पाना संभव नहीं है.