मंगलवार, 09 मई, 2006 को 15:21 GMT तक के समाचार
भारत पहुँचने से पहले ही एसबेस्टस जैसे ज़हरीले पदार्थ से लदा मलेशिया का एक जहाज़ ब्लू लेडी विवादों के घेरे में आ गया है.
एसएस नॉर्वे के नाम से भी जाना जा रहा यह जहाज़ मलेशिया से भारतीय राज्य गुजरात के अलंग शिपयार्ड में लाया जा रहा है जहाँ इस जहाज़ को तोड़कर एसबेस्टस निकालने का काम किया जाएगा.
पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर काम कर रही संस्था, ग्रीनपीस के प्रवक्ता रमापति कुमार ने बताया कि इस जहाज़ पर 900 टन से भी ज़्यादा एसबेस्टस लदा है जो पर्यावरण के लिए एक बड़ा ख़तरा साबित हो सकता है.
उन्होंने इस जहाज़ को भारत लाने पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्लेमांसु मामले के बाद भी भारत सरकार ने कुछ नहीं सीखा जबकि बांग्लादेश ने भी इस जहाज़ के भेजे जाने का विरोध किया है.
ग़ौरतलब है कि एसबेस्टस के पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रभावों को देखते हुए दुनिया के कई देशों ने इसे अपने यहाँ प्रतिबंधित कर रखा है.
क्लेमांसु का विरोध
इससे पहले फ्रांसीसी युद्धपोत क्लेमांसु को भारत लाने को लेकर काफ़ी विरोध-प्रदर्शन हुए थे जिसके बाद फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ज्याक़ शिराक ने इस नौसैनिक पोत को स्वदेश लौटने का आदेश दिया था.
क्लेमांसु को भारत लाने के विरोध में दायर की गई एक याचिका पर विचार करने के बाद भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया था कि क्लेमांसु एक विशेषज्ञ दल की रिपोर्ट आने तक भारतीय जल सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता.
इस फ़ैसले के बाद फ्रांस की शीर्ष अदालत ने फ़ैसला सुनाया है कि क्लेमांसु मामले में पेरिस की अदालत में सुनवाई पूरी होने तक उसे स्वदेश बुला लिया जाए.