गुजरात के वड़ोदरा शहर में प्रशासन ने कर्फ़्य जारी रखने का निर्णय लिया है. इससे पहले बुधवार की रात हिंसा को नियंत्रित करने के लिए सेना ने फ्लैग मार्च किया.
सेना को अभी तक शहर में तैनात नहीं किया गया है और आपात स्थितियों के लिए सेना को वहाँ रोके रखा गया है.
उल्लेखनीय है कि तीन दिनों पहले अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान हिंसा भड़क उठी थी और हिंसा में अब तक छह लोग मारे जा चुके हैं.
इस बीच पथराव की कुछ छिटपुट घटनाएँ हुई हैं जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पाँच चक्र की गोलीबारी की है.
वड़ोदरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता राजीव खन्ना का कहना है कि गुरुवार को वड़ोदरा के हिंसा ग्रस्त इलाक़ों में तनावपूर्ण शांति है.
इसके पहले केंद्र सरकार ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए गुजरात सरकार कहा था कि वो वड़ोदरा में दंगे रोकने के लिए सभी आवश्यक क़दम उठाए.
गृह सचिव वीके दुग्गल ने बताया कि स्थिति की समीक्षा के बाद लगभग एक हज़ार सैनिकों को वहाँ तैनात किया गया है. केंद्र सरकार ने 500 अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी गुजरात भेजा है.
गुजरात के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को वड़ोदरा में अवैध निर्माण हटाने के अभियान के दौरान एक दरगाह को हटाते समय मुसलमानों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ था.
अधिकारियों के अनुसार इसके बाद पुलिस को फ़ायरिंग करनी पड़ी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और पाँच थाना क्षेत्रों में कर्फ़्यू लगा दिया गया था.
मंगलवार की रात एक बार फिर हिंसा भड़क गई थी और एक भीड़ ने एक इंजीनियर को उसकी कार सहित जला दिया गया था.