बुधवार, 03 मई, 2006 को 18:29 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादी संगठन ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं के बीच बुधवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई.
दोनों पक्षों ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने हुर्रियत नेताओं से कश्मीर मुद्दे के हल की कोई कार्यप्रणाली सुझाने को कहा.
हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज़ उमर फ़ारुक़ ने कहा कि दोनों पक्षों ने संवेदनशील मुद्दों पर भी बातचीत की.
उनका कहना था कि दोनों पक्ष इस बात से सहमत थे कि सार्थक बातचीत का एक जरिया निकाला जाना चाहिए.
सम्मेलन पर संदेह
केंद्र सरकार की पहल पर श्रीनगर में 25 मई को आयोजित गोलमेज़ सम्मेलन पर हुर्रियत नेताओं को कुछ संदेह हैं और वे चाहते हैं कि सरकार इनको दूर करे.
इस बात पर सहमति हुई कि हुर्रियत नेता सम्मेलन से पहले गृह मंत्री शिवराज पाटिल से बातचीत करेंगे.
इसके पहले हुर्रियत नेताओं ने सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था.
मीरवाइज़ का मानना था कि बातचीत नियमित रूप से होनी चाहिए और इसको संस्थागत स्वरूप दिया जाना चाहिए.
बातचीत में मीरवाइज़ के अलावा अब्दुल गनी बट, बिलाल लोन, मौलाना अब्बास अंसारी, आगा सईद बडगामी और फज़लुल हक़ क़ुरैशी भी शामिल हुए.
हुर्रियत नेताओं की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पहली मुलाक़ात पिछले साल सितंबर में हुई थी.