मंगलवार, 02 मई, 2006 को 11:35 GMT तक के समाचार
भारतीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने संकेत दिया है जम्मू कश्मीर में सैनिकों की संख्या घटाने की योजना में देरी हो सकती है.
पाटिल ने अधिकारियों के साथ जम्मू कश्मीर में सुरक्षा इंतज़ामों का जायज़ा लिया है. पिछले दो दिनों में हुई 35 हिंदुओं की हत्या के बाद मंगलवार को पाटिल जम्मू कश्मीर पहुँचें.
इस बीच ख़बरों के मुताबिक पुलिस को हमलावरों की तलाश में मदद करने के लिए सेना की और टुकड़ियाँ भेजी गई हैं.
शिवराज पाटिल का कहना है कि ये हमले भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति वार्ता में खलल डालने की कोशिश है.
जम्मू कश्मीर में सुरक्षा इंतज़ामों के लिए बुलाई गई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू में भी कई ऐसे लोग है जो शांति और अमन के खिलाफ़ हैं.
उन्होंने संकेत दिया कि आम नागरिकों की हत्या की इस घटना के बाद सरकार राज्य में तैनात सैनिकों की संख्या में कटौती में देरी कर सकती है.
शिवराज पाटिल ने कहा, "सेना की मौजूदगी इस तरह के चरमपंथी हमलों को रोकने के लिए ही है."
दौरा
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के साथ बुधवार को होने वाली बैठक में कश्मीरी अलगाववादी नेताओं की मुख्य मांग जम्मू कश्मीर में सेना को कम करना है.
पाटिल ने इससे पहले उधमपुर ज़िले के बसंतगढ़ इलाक़े का दौरा किया जहाँ रविवार को चरमपंथियों ने नौ हिंदू चरवाहों की हत्या कर दी थी.
शिवराज पाटिल मौसम ख़राब होने की वज़ह से डोडा नहीं जा पाए जहाँ कि चरमपंथियों ने 22 हिंदुओं की हत्या कर दी थी.
इस बीच इन हत्याओं के विरोध में मंगलवार को जम्मू क्षेत्र में बंद का आयोजन किया गया.
जम्मू और क्षेत्र के अन्य शहरों में स्कूल, कॉलेज और दुकानें बंद रहे और सड़कों पर यातायात बहुत कम रहा.