बुधवार, 03 मई, 2006 को 16:50 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादी संगठन ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ़्रेंस के नेताओं के बीच बुधवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई है.
बातचीत से पहले हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज़ उमर फ़ारुक़ ने कहा कि केंद्र के साथ बातचीत नियमित रूप से होनी चाहिए और इसको संस्थागत स्वरूप दिया जाना चाहिए.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा था, ''हम चाहते हैं कि केंद्र के साथ बातचीत का स्वरूप संस्थागत कर दिया जाए. इससे हमारा आशय है कि इसे एक और बैठक न माना जाए बल्कि इसे दिल्ली, पाकिस्तान और कश्मीरी लोगों के बीच बातचीत का एक हिस्सा माना जाए.''
मीरवाइज़ ने स्पष्ट किया कि हुर्रियत कोई मांगें लेकर नहीं आई है. हम तो कश्मीर मुद्दे के राजनीतिक हल के लिए कुछ सुझाव पेश करेंगे.
उनका कहना था कि हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर सहयोग का मुद्दा बने न कि टकराव का.
बातचीत में मीरवाइज़ के अलावा अब्दुल गनी बट, बिलाल लोन, मौलाना अब्बास अंसारी, आगा सईद बडगामी और फज़लुल हक़ क़ुरैशी भी शामिल हुए.
हुर्रियत नेताओं की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पहली मुलाक़ात पिछले साल सितंबर में हुई थी.