मंगलवार, 02 मई, 2006 को 21:34 GMT तक के समाचार
भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल की 57 और केरल की 15 सीटों के लिए बुधवार को मतदान हो रहा है. इसी दिन पांडिचेरी की तीन सीटों के लिए भी वोट डाले जाएँगे.
अधिकारियों का कहना है कि मतदान के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए कुल पाँच चरणों में चुनाव होने जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार चुनाव प्रक्रिया एक महीने से ज़्यादा लंबी चल रही है.
चुनाव आयोग ने इस बार पश्चिम बंगाल में कई कड़े निर्णय लिए हैं और इसके कारण राज्य में पहली बार चुनाव बड़े फीके से दिख रहे हैं.
संवाददाताओं का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस के बीच बिखराव की स्थिति है और इसके कारण एक बार फिर अपने गढ़ में वाममोर्चा मज़बूत स्थिति में दिखाई पड़ रहा है.
केरल
केरल की 140 सीटों वाली विधानसभा के लिए कुल तीन चरणों में चुनाव हो रहे हैं और यह तीसरा और अंतिम चरण है.
केरल में चुनावी मुक़ाबला मुख्य रूप से कांग्रेस की अगुवाई वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ़) और माकपा की अगुवाई वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ़) के बीच है.
दोनों गठबंधन बारी बारी से सत्ता संभालते आए हैं. इन चुनावों में पहली बार एलडीएफ़ को कट्टरपंथी इस्लामिक गुट जमाते इस्लामी का समर्थन मिला है. जबकि मुस्लिम लीग का समर्थन यूडीएफ़ के साथ है.
यूडीएफ़ नेता और राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी का कहना है कि उनके गठबंधन का मुख्य चुनावी मुद्दा विकास है. जबकि यूडीएफ़ का कहना है कि सत्तारूढ़ गठबंधन की नीतियों का लाभ केवल संपन्न वर्ग को मिला है.
हालांकि भाजपा इन दोनों गठबंधनों के मुक़ाबले में कहीं भी नहीं है लेकिन उसने ज़्यादातर सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं.