रविवार, 30 अप्रैल, 2006 को 01:31 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान ने जिस भारतीय इंजीनियर का अपहरण किया है उसे छोड़ने की अपनी शर्तें फिर दोहराई हैं और समय सीमा में कोई फेरबदल नहीं की गई है.
अफ़ग़ानिस्तान में वरिष्ठ पत्रकार रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई ने बीबीसी को बताया है कि ऐसा लगता है कि तालेबान भारतीय इंजीनियर सूर्यनारायण को अगवा करने से उत्पन्न हुई स्थिति पर आपस में सलाह-मश्विरा कर रहे हैं.
इस बीच तालेबान ने सूर्यनारायण को छोड़ने के लिए पहले से निर्धारित समय सीमा में कोई फेरबदल नहीं की है.
इन माँगों में अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय भारतीय कंपनियों को वापिस बुलाने और भारतीय दूतावास को भी बंद करने की शर्तें शामिल हैं.
रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई का कहना है कि ऐसी ख़बरें मिली हैं कि सूर्यनारायण सुरक्षित हैं और तालेबान भारत की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि भारत सरकार ने इंजीनियर सूर्यनारायण को रिहा कराने की कोशिशों के तहत एक दल अफ़ग़ानिस्तान रवाना किया है.
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान सरकार भी सूर्यनारायण को रिहा कराने की पूरी कोशिश कर रही है.
वरिष्ठ पत्रकार रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई का कहना है कि ज़ाबुल प्रांत में क़बायली सरदारों का तालेबान पर काफ़ी प्रभाव है और क़बायली सरदारों के ज़रिए तालेबान से संपर्क की कोशिशें की जा रही हैं.
इससे पहले भी इस तरह के मामलों में क़बायली सरदारों का प्रभाव कारगर साबित हुआ है.
अभी तक इस मामले में तालेबान से सीधे संपर्क इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि वे भूमिगत हैं इसलिए उनसे संपर्क के लिए क़बायली सरदारों की मदद ली जा रही है.