रविवार, 30 अप्रैल, 2006 को 10:25 GMT तक के समाचार
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा है कि आरक्षण संबंधी विवाद पर वह अपना पक्ष संसद के आगामी सत्र में 11 मई को रखेंगे.
संसद का अगला सत्र 10 मई से होना है. इसी महीने अर्जुन सिंह ने अन्य पिछड़ी जातियों को आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में आरक्षण देने संबंधी घोषणा की थी.
इसे लेकर काफी विवाद मचा था और कपिल सिब्बल जैसे नेताओं ने इनका विरोध किया था.हालांकि सिब्बल ने बाद में कहा कि उनका बयान में इशारा आरक्षण की ओर नहीं था.
रविवार को बुलाई गई प्रेस वार्ता में अर्जुन सिंह ने पत्रकारों के सवालों के बड़े ही नपे-तुले जवाब दिए और आरक्षण के बारे में कुछ भी कहने से इंकार किया.
हालांकि उन्होंने बाकी सभी अन्य मुद्दों पर अपनी राय स्पष्ट की.
सिब्ब्ल की राय
यह पूछे जाने पर कि क्या आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी नेताओं में अलग अलग राय एक विचारधारात्मक दरार दिखा रही है तो अर्जुन सिंह का कहना था, " ये आपकी सोच है. आप ऐसा मानते हैं. "
आरक्षण के मसले पर कपिल सिब्बल की टिप्पणी के बारे में उन्होंने कहा, " सिब्बल ने अपनी राय से प्रधानमंत्री को अवगत करा दिया है और प्रधानमंत्री इस पर विचार कर रहे हैं. "
जब उनसे ये पूछा गया कि सरकार प्रशासनिक मामलों में अधिक रुचि ले रही है न कि राजनीतिक पहलूओं पर तो उनका कहना था " ये आप लोगों की ग़लतफ़हमी है. आपका ख्याल है. ऐसा कुछ भी नहीं है. "
उत्तर भारत में कांग्रेस की ख़राब हालत में कोई सुधार न होने के बारे में अर्जुन सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में सोनिया गांधी ऐसा क़दम उठाने वाली हैं जिससे सभी का भ्रम दूर हो जाएगा और सबकुछ साफ हो जाएगा.
नटवर सिंह
वोल्कर मामले में नटवर सिंह के हालिया बयानों पर भी अर्जुन सिंह ने टिप्पणी की और कहा कि नटवर सिंह अपने बचाव में जो कहना चाहें वो कहें लेकिन अगर उन्होंने पार्टी सीमाएं लांघी तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
कुल मिलाकर अर्जुन सिंह ने इस प्रेस वार्ता के ज़रिए स्पष्ट करने की कोशिश की कि पार्टी में अभी भी उनका क़द ऊंचा है और उनकी सुनी जाती है.
पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री को छोड़कर कांग्रेस के अधिकतर नेता अपनी अपनी छवि और क़द को लेकर काफी गंभीर दिख रहे हैं और अपनी स्थित स्पष्ट कर रहे हैं.