शुक्रवार, 28 अप्रैल, 2006 को 01:36 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के संकट पर अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं की नार्वे में आपात बैठक हो रही है जिसमें हाल की हिंसा की वजह से संघर्षविराम पर उत्पन्न ख़तरे पर चर्चा होगी.
पिछले दो सप्ताह की हिंसा में लगभग 100 लोग मारे गए हैं.
त्रिंकोमाली के तमिल विद्रोहियों के ठिकानों पर श्रीलंका सरकार के हवाई हमलों के बाद अब वहाँ शांति है और सहायता एजेंसियाँ लोगों की घर वापसी में मदद कर रही हैं.
इधर श्रीलंकाई प्रशासन ने तमिल विद्रोहियों के कब्ज़े वाले क्षेत्र से लगी सीमाओं को दोबारा खोल दिया है. हालांकि त्रिंकोमाली में गुरुवार की रात कर्फ़्यू लगा दिया गया था.
तमिल विद्रोहियों ने आरोप लगाया था कि सरकार की हवाई बमबारी से 'जनसंहार' हुआ है और हज़ारों लोग घर छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं. लेकिन इस संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है.
युद्धविराम पर्यवेक्षक इस क्षेत्र में पहुँचे गए हैं और इस बात की कोशिशें चल रही हैं कि श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों को बातचीत के लिए राज़ी किया जा सके.
बीबीसी संवाददाता ने त्रिंकामाली से ख़बर दी है कि ताज़ा प्रयासों से युद्धविराम जारी रहने की उम्मीद जगी है. हिंसा की ताज़ा घटनाओं से 2002 के युद्धविराम समझौता ख़तरे में पड़ गया था.
सेना ने युद्धविराम समझौते के बाद पहली बार आधिकारिक रूप से तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कोई सैनिक कार्रवाई की है.
इसके पहले मंगलवार को सेना मुख्यालय पर हुए एक आत्मघाती हमले में सेना प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल सरथ फ़ोनसेका गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हमले में आठ अन्य लोगों की मौत हो गई थी.
श्रीलंका सरकार ने इस हमले के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया था.