शुक्रवार, 28 अप्रैल, 2006 को 03:32 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इन आलोचनाओं को खारिज किया है कि वो अमरीका के कहने पर चरमपंथियों से लड़ रहे हैं.
ब्रिटेन के एक समाचारपत्र को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि वो किसी के हाथ की कठपुतली नहीं है और आतंकवाद से निपटना पाकिस्तान के अपने हित में है.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ऊपर अमरीका के साथ नज़दीकी रिश्तों को लेकर आरोप लगते रहे हैं.
पिछले महीने ही विपक्षी नेता मौलाना फ़ज़लुर रहमान को सुनने के लिए हज़ारों लोग जमा हुए थे जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को अमरीका के प्रति ज़्यादा झुकाव का आरोप लगाया था.
मुशर्रफ़ विरोधी इन ख़बरों के बाद ख़ासे नाराज़ हैं कि अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे पाकिस्तानी क़बायली इलाक़े में अमरीकी फ़ौजें चरमपंथियों को निशाना बना रही हैं.
ऐसी ही एक कार्रवाई में 18 आम नागरिक मारे गए थे. हालांकि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इसकी आलोचना की थी.
हाल में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने देश में सक्रिय विदेशी चरमपंथियों को भी चेतावनी दी थी कि वे देश से बाहर निकल जाएँ अन्यथा उनको कुचल दिया जाएगा.
ख़बरें हैं कि अमरीका की ओर से पाकिस्तान सरकार पर क़बायली इलाक़े वज़ीरिस्तान पर अधिक नियंत्रण कायम करने का दबाव पड़ रहा है.
दुर्गम पहाड़ियों से घिरे इस इलाक़े के बारे में कहा जाता है कि वहाँ तालिबान और अल क़ायदा के सदस्य छिपे हुए हैं.