शुक्रवार, 28 अप्रैल, 2006 को 21:45 GMT तक के समाचार
दक्षिण भारतीय राज्य केरल में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान ख़त्म हो गया है.
केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में 70 प्रतिशत मतदान हुआ और मतदान शांतिपूर्ण रहा.
इस चरण में 66 सीटों के लिए वोट डाले गए.
140 सीटों वाली केरल विधानसभा के लिए कुल तीन चरणों में चुनाव हो रहे हैं. तीसरे चरण का मतदान 3 मई को होना है.
इस चरण में प्रमुख उम्मीदवारों में वीएस अच्युतानंदन का नाम भी है. समझा जाता है कि 82 वर्षीय कम्युनिस्ट नेता अच्युतानंदन ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे.
इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ राजगोपाल, करुणाकरण की डेमोक्रेटिक कांग्रेस इंदिरा के अध्यक्ष के मुरलीधरन प्रमुख
उम्मीदवार थे. मुरलीधरन कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे करुणाकरण के बेटे हैं.
राज्य में आमतौर पर वामदलों के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ़ और कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन यूडीएफ़ बारी बारी से सत्ता संभालते आए हैं.
जिन सीटों पर इस चरण में चुनाव हुआ है वहाँ एलडीएफ़ ने मुस्लिम और ईसाई मतों को लुभाने की ज़बरदस्त कोशिश की है.
इस चरण में मध्य केरल के छह ज़िलों, एरनाकुलम, त्रिचूर, पलक्कड़, वायनाड, मालापुरम और कालीकट में चुनाव हुए.
इन सभी सीटों में से पिछले साल पचास के क़रीब सीटें सत्तारुढ़ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को मिली थीं.
राज्य में मुस्लिम आबादी 24 प्रतिशत है और इन ज़िलों में अच्छी खासी आबादी मुस्लिमों की है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन्हीं के वोट के आधार पर तय होगा कि यहां से अधिकतर सीटें इस बार यूडीएफ को मिलती हैं या फिर वामपंथी गठबंधन एलडीएफ को.
ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कोयंबतूर बम धमाकों के आरोपी मदनी ने जेल से आह्वान किया है कि मुस्लिम मतदाता इस बार वामपंथी दलों को समर्थन दें.
इन चुनावों में पहली बार एलडीएफ़ को कट्टरपंथी इस्लामिक गुट जमात-ए-इस्लामी का समर्थन मिला है.
जबकि मुस्लिम लीग का समर्थन यूडीएफ़ के साथ है जिसने एलडीएफ़ पर मतदाताओं के संप्रदायीकरण का आरोप लगाया है.