पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रशासन ने इंटरनेट कैफ़े के लिए नियम क़ायदे जारी किए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट कैफ़े और गेमिंग कैफ़े में युवाओं के बीच बढ़ती नशीली दवाओं और पोर्नोग्राफ़ी की शिकायतों के बाद ऐसा करना पड़ा है.
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में प्रशासन इंटरनेट कैफ़े पर नज़र रखेगा.
इस समय इस्लामाबाद में सौ से अधिक इंटरनेट कैफ़े और गेमिंग क्लब हैं.
न तो इनमें से किसी का प्रशासन के पास कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही इनके लिए कोई क़ानून क़ायदा है.
एक इंटरनेट कैफ़े पर छापे के दौरान वहाँ नशीली दवाएँ मिली थीं जिनके बारे में कहा गया कि कैफ़े में नियमित रुप से आने वाले उसका सेवन करते थे.
इसके बाद शुक्रवार को सरकार की ओर से सभी इंटरनेट कैफ़े और गेमिंग क्लबों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं.
प्रशासन ने कहा है कि दिशा निर्देशों के अभाव में कई कैफ़े में अनैतिक कारोबार चल रहे हैं.
इस्लामाबाद के उपायुक्त चौधरी मोहम्मद अली के अनुसार पुलिस विशेष कंट्रोल रुम की स्थापना कर रही है.
यदि किसी कैफ़े में नशीली दवाओं के उपयोग या अश्लील वेबसाइट को लेकर कोई शंका हो तो इसकी सूचना बच्चों के माँ-बाप इस कंट्रोल रुम को दे सकेंगे.
धूम्रपान भी नहीं
प्रशासन ने जो नियम क़ायदे बनाए हैं उसके मुताबिक़ अब इस्लामाबाद के इंटरनेट कैफ़े में अलग से केबिन बनाए जाने पर रोक लगा दी गई है.
दो कंप्यूटरों को अलग करने के लिए बनाए जाने वाले पार्टिशनों की ऊँचाई भी चार फुट तक सीमित कर दी गई है.
इंटरनेट कैफ़े में धूम्रपान पर भी रोक लगा दी गई है ताकि इसकी आड़ में नशीली दवाओं का सेवन रोका जा सके.
इसके अलावा इंटरनेट कैफ़े के संचालकों से कहा गया है कि वे स्कूल यूनिफ़ॉर्म पहने हुए बच्चों को प्रवेश न दें.
संचालकों को चेतावनी दी गई है कि यदि कैफ़े में कुछ भी ग़लत पाया गया तो इसकी ज़िम्मेदारी उन पर ही होगी.
हालांकि नेट पॉइंट नाम के एक कैफ़े के संचालक नईम अख़्तर का कहना है कि हर कंप्यूटर पर नज़र रखना संभव नहीं है कि उसका उपयोग करने वाला क्या देख रहा है.
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अश्लील वेबसाइटें देखने के कारण नवयुवकों में यौन अपराधों की संख्या बढ़ रही है.