बुधवार, 26 अप्रैल, 2006 को 02:53 GMT तक के समाचार
श्रीलंका सेना ने तमिल विद्रोहियों के ठिकानों पर फिर हवाई हमले किए हैं. यह कार्रवाई मंगलवार को आत्मघाती हमले में सेना प्रमुख को निशाना बनाए जाने की प्रतिक्रिया में हो रही है.
चार साल पहले के युद्धविराम समझौते के बाद पहली बार श्रीलंकाई सेना ने तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है.
तमिल विद्रोहियों के अनुसार कल से जारी हमले में अब तक नौ आम नागरिकों की मौत हो चुकी है.
विद्रोहियों ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है और सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि क्या युद्ध की घोषणा कर दी गई है.
उधर सेना का कहना है कि ताज़ा हमले त्रिंकोमली बंदरगाह के आसपास के इलाक़ों में विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
सेना के एक प्रवक्ता प्रसाद समरसिंघे का कहना था कि त्रिंकोमाली में नौसेना की एक बोट पर गोलीबारी के बाद यह कार्रवाई की जा रही है.
'सरकार नहीं झुकेगी'
इसके पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने टीवी पर घोषणा की थी कि सरकार तमिल विद्रोहियों के साथ युद्ध नहीं चाहती है लेकिन वह इन हमलों के आगे घुटने नहीं टेकेगी.
ग़ौरतलब है कि मंगलवार को राजधानी कोलंबो में सेना मुख्यालय में एक आत्मघाती बम धमाका हुआ था जिसमें जिसमें सेना प्रमुख सरथ फ़ोनसेको को निशाना बनाया गया था.
इस हमले में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और सेना प्रमुख सरथ फ़ोनसेको गंभीर रूप से घायल हो गए.
सेना ने इस हमले के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया है और इसके जवाब में मंगलवार को तमिल विद्रोहियों के नियंत्रण वाले पूर्वी इलाक़े में हवाई हमले किए थे.
चार साल पहले श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच युद्धविराम हो गया था, उसके बाद विद्रोहियों की ओर से सेना पर यह पहला बड़ा हमला है.
सेना के एक प्रवक्ता ने बताया, "सेना के अस्पताल के पास सेना प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल सरथ फ़ोनसेका की गाड़ी को निशाना बनाकर धमाका किया गया."
लेफ़्टिनेंट जनरल सरथ फ़ोनसेका को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जाती है.