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बुधवार, 26 अप्रैल, 2006 को 01:32 GMT तक के समाचार

नेपाल नरेश के सत्ता छोड़ने का स्वागत

अमरीका और ब्रिटेन ने नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र के संसद की बहाली के फ़ैसले का स्वागत किया है.

राजा ने कुछ समय पहले संसद को बर्ख़ास्त कर दिया था और सत्ता अपने हाथ में ले ली थी.

अमरीकी विदेश विभाग के अधिकारी रिचर्ड बाउचर का कहना था कि नेपाल के लोग सड़कों पर जिस तरह खुशी मना रहे हैं, वह दिखाता है कि उन्होंने क्या हासिल किया है.

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से संबंद्ध मंत्री किम हॉवेल्स ने कहा कि यह नेपाल के लोगों की लोकतंत्र और शांति की चाहत की जीत है.

राजा ने तीन सप्ताह तक चले उग्र धरने प्रदर्शनों के बाद संसद की बहाली की घोषणा की थी.

देखिए नेपाली जनता की ख़ुशी

राजा ज्ञानेंद्र की घोषणा के तुरंत बाद हज़ारों लोग खुशी में सड़कों पर उतर आए. राजधानी काठमांडू में लोग नारे लगा रहे थे,'' यह लोगों की जीत है, लोकतंत्र की जीत है.''

विपक्षी नेताओं ने वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने का फ़ैसला किया है.

ये वही संसद होगी जिसे चार साल पहले मई, 2002 में भंग कर दिया गया था. शुक्रवार को संसद की इस बैठक में संविधान सभा के विषय में भी चर्चा होगी.

उग्र प्रदर्शन

ग़ौरतलब है कि देश में पिछले तीन हफ्तों से लोकतंत्र बहाली की मांग लेकर लोग उग्र प्रदर्शन कर रहे थे और कर्फ्यू के बावजूद हर दिन हज़ारों लोग इन प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे थे.

इन प्रदर्शनों में सेना की गोलियों से 14 लोगों की मौत भी हुई.

नेपाल के सात विपक्षी दलों की मांगों में से यह एक प्रमुख मांग थी कि संसद को बहाल किया जाए.

विपक्षी दल संविधान की समीक्षा की भी मांग कर रहे हैं क्योंकि फिलहाल संविधान के तहत राजा को सरकार और सेना के संबंध में बहुत सारे अधिकार मिले हुए हैं.