सोमवार, 24 अप्रैल, 2006 को 17:19 GMT तक के समाचार
भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में मौजूद भारतीय अधिकारियों या नागरिकों को वहाँ से बाहर निकालने की कोई योजना नहीं है.
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, "हम नहीं मानते कि नेपाल में ऐसी परिस्थितियाँ हैं कि इस तरह की योजना बनाई जाए."
ये भी बताया गया कि रक्षा मंत्री प्रणव मुकर्जी ने रक्षा, गृह और विदेश मंत्रालयों के साथ नेपाल में ताज़ा हालात का आकलन किया है.
भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से ये बयान तब आया है जब कुछ भारतीय टीवी चैनलों पर ऐसी रिपोर्टें आई थीं.
उधर भारत में राजनीतिक हलकों में नेपाल में चल रहे जनांदोलन के संदर्भ में विदेश मंत्रालय की नेपाल नीति की आलोचना हुई है.
भारतीय नीति की आलोचना
जहाँ पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने खुलकर सरकार की आलोचना की है, वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भारत सरकार के नेपाली जनता की भावनाओं को ध्यान में रखने को कहा है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नटवर सिंह ने सरकार की नेपाल नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार ने वहाँ की जनता को निराश किया है.
नटवर सिंह ने कहा, "हमने नेपाल की जनता को निराश किया है. हमने सात राजनीतिक पार्टियों की सदभावना खो दिया है, माओवादियों का ग़ुस्सा मोल लिया है और राजा की ओर से भी हमें कोई शाबाशी भी नहीं मिली."
उधर सीपीएम नेता सीताराम येचुरी का कहना था, "भारत सरकार को नेपाली लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए वहाँ संसद बहाल कराने के प्रयास करने चाहिए."
समाचार एजेंसियों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत समय रहते नेपाल के संदर्भ में उपयुक्त कदम नहीं उठा पाया.
उन्होंने नेपाल में चीन और माओवादियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई.
फ़ॉर्मूला
नेपाल मामले पर अपने बयान में नटवर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विशेष दूत के रूप में कर्ण सिंह ने कोशिश तो की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.
नटवर सिंह ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी नेता सीताराम येचुरी ने जो सात सूत्री फ़ॉर्मूला सुझाया था, उसी को आधार बनाया जा सकता था.
सीताराम येचुरी ने कहा था कि सरकार राजा ज्ञानेंद्र को संसद बहाल करने के लिए मनाए ताकि वहाँ की स्थिति पर क़ाबू पाया जा सके.
सीताराम येचुरी ने पश्चिम बंगाल में अपना चुनाव प्रचार बीच में छोड़कर रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी से रविवार को मुलाक़ात की थी जिसमें उन्होंने नेपाल में संसद बहाल करने की बात दोहराई थी.