रविवार, 23 अप्रैल, 2006 को 02:16 GMT तक के समाचार
अपने ही भाई की गोलियों से घायल हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन को रविवार को होश आ गया है.
डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने अपनी आँखें खोलीं और हाथ हिलाया लेकिन वे अभी भी जीवन रक्षक उपकरणों और दवाओं पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.
डॉक्टरों ने बताया है कि उनके लीवर से ख़ून का बहना कम तो हुआ है लेकिन रुका नहीं है.
उल्लेखनीय है कि प्रमोद महाजन को उनके मुंबई स्थित निवास पर शनिवार की सुबह क़रीब पौने आठ बजे गोली मार दी गई थी.
इसके तुरंत बाद प्रमोद महाजन को मुंबई के ही हिंदूजा अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उनका ऑपरेशन किया गया था.
पुलिस का कहना है कि उनके भाई प्रवीण महाजन ने ही गोली चलाई थीं और उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बाद इसे स्वीकार भी कर लिया है.
निगरानी
रविवार की सुबह प्रमोद महाजन के बारे में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कुछ जानकारियाँ दी हैं.
सघन चिकित्सा कक्ष में वेंटिलेटर पर रखा गया है और उनका ब्लड प्रेशर सामान्य रखने के लिए दवाइयाँ दी जा रही हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि महाजन की किडनी ठीक तरह से काम कर रही है लेकिन लीवर से ख़ून का बहना अभी बंद नहीं हुआ है.
उनका कहना है कि इसके लिए और ऑपरेशन की ज़रुरत हो सकती है लेकिन इसका फ़ैसला उनके स्वास्थ्य की जाँच के बाद ही लिया जाएगा.
डॉक्टरों के अनुसार अगले 48 घंटे प्रमोद महाजन के लिए महत्वपूर्ण हैं.
भाजपा के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं ने मुंबई पहुँचकर प्रमोद महाजन की तबियत के बारे में जानकारी ली है और देश के सभी वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है.
तीन गोलियाँ
इससे पहले हिंदुजा अस्पताल के निदेशक अनुपम वर्मा ने पत्रकारों को बताया था कि प्रमोद महाजन को तीन गोलियाँ लगी थीं जिससे उनके लीवर और पैन्क्रियाज़ को नुक़सान पहुँचा है.
वर्मा ने कहा था कि इन दोनों हिस्सों से काफ़ी रक्तस्त्राव हुआ है. लंबे ऑपरेशन के बाद चिकित्सक पैन्क्रियाज़ से ख़ून के रिसाव को तो रोकने में सफल रहे हैं पर लीवर से रक्तस्त्राव अभी पूरी तरह से नहीं रोका जा सका है.
डॉक्टरों का कहना है कि प्रमोद महाजन मधुमेह यानी डाइबिटीज़ के मरीज़ हैं और उनके ख़ून में शुगर लेवल को ठीक रखने की कोशिश भी करनी पड़ रही है.
हिंदूजा अस्पताल के डॉक्टरों के अलावा प्रमोद महाजन की जाँच के लिए सेना के डॉक्टरों को भी बुलवाया गया है.
इसके अतिरिक्त उनकी जाँच के लिए इंग्लैंड से डॉक्टरों को बुलवाया गया है और संभावना है कि दोपहर तक डॉक्टर मुंबई पहुँच जाएँगे.
नाराज़ भाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रवीण महाजन ने अपने ठाणे स्थित निवास से सुबह-सुबह आकर अपने भाई पर एकदम नज़दीक से गोलियाँ दाग दीं.
इसके बाद उन्होंने ख़ुद वरली थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया.
पुलिस ने शनिवार को उनसे और उनके परिवाजनों से पूछताछ की है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रवीण महाजन ने स्वीकार किया है कि उन्होंनें अपने भाई प्रमोद महाजन पर गोलियाँ चलाईं.
पुलिस के मुताबिक़ अपने बयान में प्रवीण महाजन ने कहा है, "प्रमोद बड़ा आदमी बनने के बाद मेरी उपेक्षा करता था और मुझे मिलने से भी कतराता रहता था."
पुलिस के अनुसार प्रवीण महाजन ने ये भी कहा है कि प्रमोद महाजन उनका अपमान किया करते थे.
हालांकि अभी पुलिस ये नहीं बता पा रही है कि विवाद की असली वजह क्या है.
उधर प्रवीण महाजन के वकील नंद कुमार राजुरकर ने कहा है कि प्रवीण महाजन की मानसिक हालत ठीक नहीं है और पिछले एक-डेढ़ साल से उनका इलाज भी चल रहा था.
उन्होंने कहा कि वे नहीं जानते कि प्रवीण महाजन गोलियाँ चलाईं और यदि चलाईं तो क्यों चलाईं लेकिन वे जानते हैं कि उन्होंने मनोचिकित्सा की ज़रुरत है.