दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मदन लाल खुराना ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.
भाजपा से निष्कासित नेता उमा भारती के साथ एक रैली में हिस्सा लेने के बाद एक महीने पहले उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था.
उन्होंने अपना इस्तीफ़ा भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भेज दिया है.
इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने कहा है कि उमा भारती की पार्टी में शामिल होने या तीसरा मोर्चा बनाने के बारे में फ़ैसला वे शीघ्र ही करेंगे.
एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहने के बाद उन्हें राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था लेकिन वे इस्तीफ़ा देकर लौट आए थे.
पार्टी के कई वरिष्ठ पदों पर रह चुके खुराना ने आरोप लगाया है कि पार्टी नेतृत्व इसे 'प्राइवेट लिमिटेड कंपनी' की तरह चला रहे हैं.
इस्तीफ़ा भेजने के बाद उन्होंने कहा है, "मैं पिछले कुछ समय से इस माहौल में असुविधा महसूस कर रहा था."
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार खुराना ने अपने इस्तीफ़े की प्रति पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, आरएसएस के प्रमुख केएस सुदर्शन और विश्वहिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल को भी भेजी है.
खुराना को पिछले साल अगस्त में एक बार और पार्टी से निलंबित किया गया था लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के बीच बचाव के बाद उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी से माफ़ी मांग ली थी और पार्टी में लौट गए थे.