सोमवार, 17 अप्रैल, 2006 को 02:00 GMT तक के समाचार
भारत के गुजरात राज्य में नर्मदा नदी पर बन रहे सरदार सरोवर बाँध के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बाँध पर काम बंद नहीं होना चाहिए लेकिन साथ ही सरकार को उन लोगों का पुनर्वास भी करना चाहिए जो बाँध के चलते विस्थापित हुए हैं.
पिछले एक पखवाड़े से नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता मेधा पाटकर के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं.
इनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फ़ैसले के अनुसार बाँध की ऊंचाई तब तक 110 मीटर से 121 मीटर न की जाए जब तक पुनर्वास का काम पूरा नहीं हो जाता.
जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज़ के नेतृत्व में बांध स्थल पर गई समिति की रिपोर्ट और उसके बाद के बयानों ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है और अब गुजरात सरकार बांध निर्माण कार्य रोके जाने के किसी भी तरह के फ़ैसले का विरोध कर रही है.
इस पूरे विवाद पर प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह ने गुजरात के सांसदों से कहा है कि नर्मदा पर बन रहे बाँध का निर्माण कार्य रोकने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
बाँध को लेकर केंद्र सरकार के कथित रवैये का विरोध करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में 51 घंटों के अनशन पर बैठ गए हैं.
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर और कई कार्यकर्ता एक पखवाड़े से भी अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं.
कोर्ट का फ़ैसला
नर्मदा नदी पर बांध का मामला बहुत पुराना है और पुनर्वास को लेकर हमेशा विवाद रहा है.
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद इससे जुड़े विभिन्न पक्ष संतुष्ट हुए थे लेकिन जब से बांध की ऊंचाई बढ़ाने की बात आई है तब से एक बार फिर मामला गर्मा गया है.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह मामला सरकार के लिए दिक्कतें पैदा कर सकता है क्योंकि जहां एक ओर गुजरात में इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी एक साथ है वहीं विस्थापितों के ख़िलाफ कोई फ़ैसला पूरे देश में एक नकारात्मक छवि बना सकता है.