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मेधा पाटकर ने भूख हड़ताल समाप्त की

नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने लगातार बीस दिन की भूख हड़ताल के बाद अनशन ख़त्म कर दिया है.

महत्वपूर्ण है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान सोमवार को चेतावनी दी कि यदि सरदार सरोवर बाँध से विस्थापित होने वाले लोगों के राहत और पुनर्वास के पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाते तो सरदार सरोवर बाँध पर आगे होने वाला निर्माण रोक दिया जाएगा.

'हम चुपचाप मर नहीं सकते'

सरदार सरोवर मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मध्यप्रदेश सरकार से पिछले न्यायिक आदेशों के अनुसार विस्थापितों के पुनर्वास के लिए पर्याप्त कदम उठाने को भी कहा.

आमिर ख़ान भी समर्थन में आए

नर्मदा बचाओ आंदोलन ख़ुद को बाँध के निर्माण से विस्थापित हुए 35 हज़ार लोगों के हितों का पक्षधर बताता है और उसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मांग की थी कि बांध की ऊंचाई 110 मीटर से बढ़ाकर 122 मीटर न की जाए.

सुप्रीम कोर्ट की विस्थापितों के पुनर्वास पर चेतावनी

जब सोमवार को मेधा पाटकर जंतर मंतर पहुँचीं और उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया तो उनके समर्थकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई.

उनका कहना था, "मैं सुप्रीम कोर्ट में आज हुई सुनवाई को इस आंदोलन के जीत के रूप में तो नहीं देखती लेकिन इससे आशा की किरण ज़रूर जगी है."

पर्यवेक्षकों का मानना है कि वे इस बात से ज़रूर ख़ुश होंगी कि उनके विरोध के कारण सरदार सरोवर से विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित हुआ है.

बीस दिन चला अनशन

बीस दिन पहले नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता इस मुद्दे पर दिल्ली में भूख हड़ताल पर चले गए थे.

जब मेधा पाटकर की तबीयत ख़राब हुई तो पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह उनसे मिलने के लिए जंतर मंतर पहुँचे.

मेधा पाटकर को प्रशासन ने ज़बरदस्ती भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती करवा दिया था लेकिन उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखी थी.

मोदी का अनशन समाप्त

दूसरी ओर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने कुछ समर्थकों के साथ 51 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे.

वे सरदार सरोवर बाँध की ऊँचाई बढ़ाने के बाद हो रहे प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ मैदान में उतरे थे.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद उनका कहना था, "ये पूरे देश के लिए ख़ुशी का मौका है. न्यायालय ने उन लोगों को रास्ता दिखाया है जो भारत के विकास का सपना देखते हैं."

उन्होंने इस अपनी जीत बताते हुए अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की.