शनिवार, 15 अप्रैल, 2006 को 23:37 GMT तक के समाचार
नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध ऊंचाई को लेकर गुजरात में राजनीतिक दूरियाँ ख़त्म होती दिख रही हैं.
एक ओर भाजपा नेता और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार से 51 घंटों की अनशन पर बैठ रहे हैं तो दूसरी ओर राज्य कांग्रेस ने बंद का आहवान किया है.
दोनों राजनीतिक दल मानते हैं कि सरदार सरोवर बाँध की ऊँचाई बढ़ाने से रोका नहीं जाना चाहिए.
ऊँचाई और पुनर्वास मामलों की समीक्षा के लिए शनिवार को दिल्ली में हुई बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सैफ़ुद्दीन सोज़ ने अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री पर छोड़ दिया है.
उल्लेखनीय है कि नर्मदा बचाओ आंदोलन सहित कई संस्थाएँ नर्मदा पर बन रहे सरदार सरोवर बाँध की ऊँचाई 110 मीटर से बढ़ाकर 122 मीटर करने का यह कहकर विरोध कर रही हैं कि पहले विस्थापित 35 हज़ार परिवारों का पुनर्वास किया जाना चाहिए.
अनशन
सरदार सरोवर बाँध से यूँ तो कई राज्यों को लाभ मिलने की बात कही जाती रही है लेकिन प्रत्यक्ष रुप से इसका सबसे अधिक लाभ गुजरात को मिलने वाला है.
इसलिए बाँध की ऊँचाई गुजरात में संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा है.
शनिवार को केंद्र सरकार के रुख़ से नाराज़ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने नर्मदा बचाओ आंदोलन के दबाव में आने का आरोप लगाते हुए रविवार से 51 घंटे के उपवास की घोषणा की.
वे साबरमती के किनारे उपवास रखेंगे.
उनका कहना था कि बाँध के निर्माण में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा है.
21 हज़ार करोड़ रुपए खर्च हो जाने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि बिजली घर की साफ़ सफ़ाई में ही लगातार काफ़ी खर्च हो रहा है.
बिलजी घर चालू हो जाने से 1450 मेगावाट बिजली का उत्पादन होना है.
दूसरी तरफ़ गुजरात कांग्रेस ने नर्मदा बाँध की ऊँचाई बढ़ाने से न रोकने की माँग करते हुए बंद का आहवान किया है.
इस माँग को लेकर गुजरात के कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिलने वाले हैं.
उधर बाँध के समर्थक आंदोलनकारियों ने वडोदरा में नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यालय में शनिवार को तोड़फ़ोड़ की.
इससे पहले नर्मदा बचाओ आंदोलन का समर्थन करने वाले अभिनेता आमिर ख़ान के ख़िलाफ़ भी गुजरात में दोनों राजनीतिक दलों के लोगों ने प्रदर्शन किए थे.
कहीं-कहीँ आमिर ख़ान की फ़िल्म के प्रदर्शन को भी रोकने की कोशिश की गई है.
उधर नर्मदा बांध की ऊंचाई बढ़ाने का विरोध करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर इलाक़े में प्रदर्शन कर रहे हैं.