शुक्रवार, 14 अप्रैल, 2006 को 06:07 GMT तक के समाचार
नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने राजा ज्ञानेंद्र की बातचीत करने की पेशकश को ठुकरा दिया है.
गुरुवार को नेपाली टीवी पर दिए संदेश में राजा ज्ञानेंद्र ने राजनीतिक दलों से अपील की थी कि वे बातचीत के लिए आगे आएँ ताकि देश में 'पूर्ण लोकतांत्रिक चुनाव' हो सकें.
लेकिन नेपाली कांग्रेस पार्टी के नेता कृष्णा सितुअल ने कहा कि राजा अपने प्रत्यक्ष शासन को और बढ़ाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि राजा ने प्रदर्शनकारियों की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपने प्रदर्शन को और तेज़ करेंगे जब तक कि उन्हें राजा से छुटकारा न मिल जाए.
उम्मीद
इस बीच गृह मंत्री कमाल थापा ने बीबीसी से बातचीत में ये उम्मीद जताई कि एक साल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति में सुधार होगा और प्रामाणिक चुनाव हो पाएँगे.
थापा ने कहा कि सरकार नेपाल की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यक्त की जा रही चिंताओं का समझती है. उन्होंने कहा कि इसका एक ही रास्ता है और वो है- चुनाव कराना.
नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने 14 महीने पहले लोकतांत्रिक सरकार को बर्ख़ास्त करके सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. तभी से नेपाल में प्रदर्शनों का दौर जारी है.
गुरुवार को नेपाली नव वर्ष के मौक़े पर नेपाल नरेश ने राजनीतिक दलों को बातचीत का न्यौता दिया और अपना पक्ष दोहराया कि वे जल्द ही देश में आम चुनाव कराना चाहते हैं.
काठमांडू से बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैविलैंड का कहना है कि नेपाल नरेश पहले भी चुनावों को लेकर ऐसे बयान दे चुके हैं.
एक विपक्षी नेता ने बीबीसी को बताया कि देश में उस समय तक आम चुनाव का कोई मतलब नहीं जब तक कि माओवादियों को अहिंसक राजनीति में न लाया जाए.