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शुक्रवार, 14 अप्रैल, 2006 को 13:39 GMT तक के समाचार

अब्दुल ग़नी खाँ चौधरी का निधन

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अब्दुल ग़नी खाँ चौधरी नहीं रहे. 79 वर्षीय ग़नी खाँ चौधरी का शुक्रवार की सुबह कोलकाता के एक नर्सिंग होम में निधन हो गया.

ग़नी खाँ चौधरी तीन अप्रैल से वेन्टीलेटर पर थे. दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टर उन्हें देख रहे थे.

उनके निधन की ख़बर सुनते ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता नर्सिंग होम में पहुँच गए.

इनमें शामिल थे- सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा और कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य.

रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी भी एक विशेष विमान से कोलकाता पहुँच गए हैं. ग़नी खाँ का चौधरी का अंतिम संस्कार शनिवार को मालदा ज़िले के कोतवाली स्थित उनके निवास से होगा.

मशहूर

बरक़द दा के नाम से मशहूर एबीए ग़नी खाँ चौधरी पश्चिम बंगाल कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेताओं में से एक थे.

एक नवंबर 1927 को मालदा के एक रईस परिवार में जन्मे ग़नी खाँ चौधरी सबसे पहले सिद्धार्थ शंकर राय मंत्रिमंडल में ऊर्जा मंत्री बनाए गए थे.

1980 में वो पहली बार लोकसभा के लिए मालदा से चुने गए थे और तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें ऊर्जा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया था.

1982 से 1984 तक वे रेल मंत्री रहे. उनके बारे में ख़ास बात ये थी कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया. यही वजह है कि वो 1980 के बाद से लगातार आठ बार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुँचे.

1981 से 1985 के बीच वो कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रहे. 1985 में उन्हें कांग्रेस का महासचिव बनाया गया और उसी वर्ष उन्हें योजना कार्यान्वयन विभाग का मंत्री बनाया गया.

2004 में कांग्रेस के सत्ता में वापस आने के बाद जब उन्हें मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया, तो उन्होंने इसे पसंद नहीं किया था.