शुक्रवार, 14 अप्रैल, 2006 को 18:02 GMT तक के समाचार
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के भीतर शाम साढ़े पाँच बजे के क़रीब हुए दो धमाकों में कम से कम नौ लोग घायल हुए हैं.
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहाँ एक की हालत गंभीर बताई गई है.
विस्फोट से जामा मस्जिद की ऐतिहासिक इमारत को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा है.
केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि सरकार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और इस घटना के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित किया गया है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी समेत सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस घटना की निंदा की है.
नमाज़ के बाद
साढ़े तीन सौ साल पुरानी जामा मस्जिद पुरानी दिल्ली में स्थिति है. तंग गलियों और सड़कों वाला यह इलाक़ा काफ़ी भीड़-भाड़ वाला है.
धमाका मस्जिद के अंदर शुक्रवार की नमाज़ के बाद हुआ.
बम धमाके के बाद मस्जिद में अफरा-तफरी भी मच गई. मौक़े पर ख़ून के धब्बे भी देखे जा सकते थे. मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए.
दिल्ली पुलिस के बम दस्ते भी वहाँ पहुँच गए. दमकल की गाड़ियाँ भी मौक़े पर पहुँच गईं थीं.
धमाके के समय शुक्रवार की नमाज़ के कारण मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
दिल्ली पुलिस के आयुक्त केके पॉल ने बीबीसी को बताया है कि बम निरोधक दस्ते ने इलाक़े की जाँच कर ली है. वहाँ अब कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है.
जामा मस्जिद के शाही इमाम बुख़ारी के सेक्रेटरी अमानुल्ला ने बीबीसी को बताया कि धमाका बहुत तेज़ था.
संयम की अपील
शाही इमाम ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि बनारस में हुए विस्फोटों के बाद जिस तरह हिंदू और मुसलमान समुदाय ने सौहार्द्र बनाए रखा उसी तरह से अमन पसंद लोगों को सामने आकर शांति बनाए रखना चाहिए.
धमाके के कुछ देर बाद ही एक बार फिर हालात को सामान्य करने की कोशिशें शुरु हो गईं और आम तौर पर होने वाली नमाज़ पढ़ी गई.
ख़बरें हैं कि इसके दो घंटे बाद होने वाली नमाज़ भी हर दिन की तरह ही अता की गई.
यानी धमाके के बाद दो बार नमाज़ पढ़ी गई.